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मध्यप्रदेश-राजस्थान: चुनाव लड़ने वालों पर रहेगी आईएएस-आईपीएस अफसरों की नजर
अमर उजाला डिजिटल ब्यूरो,नई दिल्ली
Updated Fri, 16 Nov 2018 05:17 PM IST
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मध्यप्रदेश-राजस्थान में विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग ने इन दोनों राज्यों में 639 आईएएस, आईपीएस व आईआरएस अफसरों की तैनाती कर दी है।आईएएस अधिकारियों को सामान्य ऑब्जर्वर, आईपीएस अफसरों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए और आईआरएस अधिकारियों को चुनावी खर्च सीमा आदि पर नजर रखने कीजिम्मेदारी सौंपी गई है। चुनाव आयोग ने इन सभी अफसरों के मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी की जानकारी अपनी वेबसाइट पर डाल दी है। कोई भी व्यक्ति चुनाव आचार संहिता या अन्य तरहकी किसी गड़बड़ी से संबंधित शिकायत इन्हें दे सकता है।
मध्यप्रदेश में 230 विधानसभा सीटों पर 28 नवंबर को चुनाव होना है। चुनावी प्रक्रिया पर ओवरऑल नजर रखने के लिए विभिन्न राज्यों में पोस्टेड 198 आईएएस अधिकारियों को यहां तैनात किया गया है। चूंकि इनकी जिम्मेदारी सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है, इसलिए इनकी संख्या अधिक रखी गई है। अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों के लिए एक-एक ऑब्जर्वर तैनात किया गया है।
चुनाव में कानून का उल्लंघन न हो, इसके लिए 53 आईपीएस अधिकारी लगाए गए हैं। एक आईपीएस के अधिकार क्षेत्र में चार-पांच विधानसभा सीटें शामिल हैं। चुनाव के दौरान किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो, अवैध शराब या हथियार आदि पर नजर रखना और किसी भी तरह के खुफिया इनपुट को स्थानीय पुलिस अधिकारियों के ध्यान में लाकर उस स्थिति से निपटना, यह सब आईपीएस ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी रहेगी। इसके बाद चुनावी खर्च पर नजर रखने के लिए बड़े पैमाने पर 127 आईआरएस अधिकारी भी तैनात कर दिए गए हैं। ये अधिकारी चुनाव के दौरान प्रत्याशियों के खर्च और उनके द्वारा इस्तेमाल संसाधनों पर भी निकट से नजर रखेंगे।
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राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों के लिए 12 नवंबर और 20 नवंबर को मतदान होगा। इसके लिए यहां पर 168 सामान्य ऑब्जर्वर यानी आईएएस अधिकारी लगाए गए हैं। एक ऑब्जर्वर के अधिकार क्षेत्र में दो से ज्यादा सीटें नहीं रहेंगी। पूरे राज्य में 33 आईपीएस ऑब्जर्वर तैनात कर दिए हैं। इसके अतिरिक्त यहां पर 60 आईआरएस अफसर भी चुनावी खर्च पर निगाह रखेंगे। एक आईआरएस को तीन-चार सीटों की जिम्मेदारी मिली है। ये सभी अधिकारी अपनी नियमित रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजेंगे।
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मध्यप्रदेश में 230 विधानसभा सीटों पर 28 नवंबर को चुनाव होना है। चुनावी प्रक्रिया पर ओवरऑल नजर रखने के लिए विभिन्न राज्यों में पोस्टेड 198 आईएएस अधिकारियों को यहां तैनात किया गया है। चूंकि इनकी जिम्मेदारी सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है, इसलिए इनकी संख्या अधिक रखी गई है। अधिकांश विधानसभा क्षेत्रों के लिए एक-एक ऑब्जर्वर तैनात किया गया है।
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चुनाव में कानून का उल्लंघन न हो, इसके लिए 53 आईपीएस अधिकारी लगाए गए हैं। एक आईपीएस के अधिकार क्षेत्र में चार-पांच विधानसभा सीटें शामिल हैं। चुनाव के दौरान किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो, अवैध शराब या हथियार आदि पर नजर रखना और किसी भी तरह के खुफिया इनपुट को स्थानीय पुलिस अधिकारियों के ध्यान में लाकर उस स्थिति से निपटना, यह सब आईपीएस ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी रहेगी। इसके बाद चुनावी खर्च पर नजर रखने के लिए बड़े पैमाने पर 127 आईआरएस अधिकारी भी तैनात कर दिए गए हैं। ये अधिकारी चुनाव के दौरान प्रत्याशियों के खर्च और उनके द्वारा इस्तेमाल संसाधनों पर भी निकट से नजर रखेंगे।
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राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों के लिए 12 नवंबर और 20 नवंबर को मतदान होगा। इसके लिए यहां पर 168 सामान्य ऑब्जर्वर यानी आईएएस अधिकारी लगाए गए हैं। एक ऑब्जर्वर के अधिकार क्षेत्र में दो से ज्यादा सीटें नहीं रहेंगी। पूरे राज्य में 33 आईपीएस ऑब्जर्वर तैनात कर दिए हैं। इसके अतिरिक्त यहां पर 60 आईआरएस अफसर भी चुनावी खर्च पर निगाह रखेंगे। एक आईआरएस को तीन-चार सीटों की जिम्मेदारी मिली है। ये सभी अधिकारी अपनी नियमित रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजेंगे।