संसद Live: 'फारुक अब्दुल्ला को रिहा करो' के लगे नारे, एसपीजी हटाने पर हंगामा
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संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही प्रारंभ होते ही हंगामा शुरू हो गया। जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर कांग्रेस और महाराष्ट्र में किसानों की स्थिति को लेकर शिवसेना के सांसदों ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर सदन में नारेबाजी की। सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों को बधाई दी और कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि संवाद और चर्चा होनी चाहिए, सभी को संसद में चर्चा को समृद्ध बनाने में योगदान देना चाहिए। वहीं लोकसभा में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी का कहना है कि संसद बहस, चर्चा और वार्ता के लिए होती है।
'फारुक अब्दुल्ला वापस लाओ’ के लगे नारेPM Modi: In the past few days I had the opportunity to meet leaders of almost all political parties. The last session was phenomenal due to the support of & active participation all MPs, that is an achievement of not only the govt or the treasury bench but The entire Parliament. pic.twitter.com/9eKDOYcKV8
— ANI (@ANI) November 18, 2019विज्ञापन
लोकसभा अध्यक्ष ने जैसे ही प्रश्नकाल की शुरुआत की उसी समय कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, द्रमुक और शिवसेना के सदस्य अपने स्थान पर खड़े हो गए। कांग्रेस सदस्य गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतंत्र को खत्म कर रही है और विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। दूसरी तरफ, शिवसेना के नेताओं ने महाराष्ट्र के किसानों को राहत देने की मांग करते हुए नारेबाजी की।
गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा हटाने पर उठाए सवाल
कांग्रेस के सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के निकट पहुंच गए। उन्होंने ‘फारुक अब्दुल्ला वापस लाओ’ और ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ के नारे लगाए। नेशनल कांफ्रेस के हसनैन मसूदी भी कांग्रेस सदस्यों के साथ आसन के निकट पहुंचे। कांग्रेस सांसद अधीर रंजन ने कहा कि मैं यहां से यह भी मुद्दा उठाना चाहता हूं कि आखिर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा जी की एसपीजी सुरक्षा क्यों हटाई गई।
भाजपा की पूर्व सहयोगी शिवसेना के सदस्य अपने स्थान पर खड़े होकर ‘किसानों को राहत दो’ नारे लगाए। सदन में नारेबाजी के बीच संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। कार्य मंत्रणा समिति में जो मुद्दे तय होंगे उन पर नियमों के अनुसार चर्चा होगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी सदस्यों से अपने आसन पर जाने और नारेबाजी बंद करने की अपील की। लेकिन सदन में हंगामा जारी रहा।
राज्यसभा दोपहर दो बजे तक स्थगित
राज्यसभा में सोमवार को पूर्व वित्त मंत्री तथा सदन के पूर्व नेता अरुण जेटली तथा राम जेठमलानी एवं तीन पूर्व सदस्यों जगन्नाथ मिश्र, सुखदेव सिंह लिबरा एवं गुरदास दासगुप्ता को श्रद्धांजलि दी गई और इन नेताओं के सम्मान में बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सुषमा-जेटली समेत दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि
लोकसभा और राज्यसभा में सुषमा स्वराज और अरुण जेटली समेत दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। राज्यसभा में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा, 'मैं अरुण जेटली को निजी तौर पर जानता था। हमारे बीच की राजनीतिक खटास हमारे निजी संबंधों के कारण मिठास में बदल जाती थी। छात्र जीवन से लेकर मृत्यु तक, उनका जीवन बहुत सक्रिय रहा। वह एक अच्छे छात्र, वक्ता और नेता थे। जेटली जी जैसे लोगों के जाने से अकेले किसी पार्टी को नहीं बल्कि पूरे देश को नुकसान हुआ है। मैं उनकी आत्मा की शांति की दुआ करता हूं।'
इलेक्ट्रिक कार से संसद पहुंचे जावड़ेकर
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर संसद के सत्र में हिस्सा लेने के लिए इलेक्ट्रिक कार से पहुंचे। उन्होंने कहा, 'सरकार धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक कारों की ओर जा रही है क्योंकि वे प्रदूषण मुक्त हैं। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वह प्रदूषण से लड़ाई में योगदान दें। वह सार्वजनिक परिवहन, इलेक्ट्रिक वाहनों आदि का इस्तेमाल करें।'
बहस, चर्चा और वार्ता के लिए होती है संसद
लोकसभा में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा, 'हम प्रधानमंत्री और सत्तारूढ़ पार्टी से उम्मीद करते हैं कि आम जनता के हित से जुड़े सभी मुद्दों पर संसद के अंदर चर्चा की अनुमति दी जानी चाहिए। संसद बहस, चर्चा और वार्ता के लिए होती है। सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए यह सरकार पर निर्भर करता है कि वह विपक्षी दलों को अपने विचार व्यक्त करने, अपनी राय को उचित तरीके से रखने दे। यह संसदीय लोकतंत्र का सार है।'
लोकसभा के चार नए सदस्यों ने ली शपथ
संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को लोकसभा में चार नए सदस्यों को शपथ दिलाई गई। लोजपा के प्रिंस राज, भाजपा की हिमाद्री सिंह, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के श्रीनिवास दादा पाटिल और द्रमुक के डी एम कथिर आनंद ने शपथ ली। प्रिंस राज बिहार की समस्तीपुर लोकसभा सीट से चुनकर आए हैं। उनके पिता रामचंद्र पासवान के निधन के बाद इस सीट के लिए उपचुनाव हुआ था। मध्य प्रदेश के शहडोल संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित भाजपा की हिमाद्री सिंह 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में निजी कारणों से शपथ नहीं ले पाई थीं।
संवाद और चर्चा होने चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद का सत्र शुरू होने से पहले कहा, 'यह 2019 का अंतिम सत्र है। यह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राज्यसभा का 250वां सत्र है। इस सत्र के दरमियान 26 नवंबर को हमारा संविधान दिवस पड़ेगा। इस दिन हमारे संविधान को 70 वर्ष पूरे हो जाएंगे। पिछले कुछ दिनों में मुझे लगभग सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलने का अवसर मिला। पिछला सत्र सभी सांसदों के समर्थन और सक्रिय भागीदारी के कारण अभूतपूर्व था, जो न केवल सरकार या कोष पीठ (ट्रेजरी बेंच) की ही नहीं बल्कि संपूर्ण संसद की उपलब्धि है। हम सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा चाहते हैं। यह जरूरी है कि गुणवत्ता वाली बहस हो, संवाद और चर्चा होनी चाहिए, सभी को संसद में चर्चा को समृद्ध बनाने में योगदान देना चाहिए।'