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राफेल पर लोकसभा में जोरदार बहस, निर्मला ने दिया राहुल के आरोपों का जवाब

Fri, 04 Jan 2019 01:18 PM IST
Anupam Prasun न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Anupam Prasun Updated Fri, 04 Jan 2019 01:18 PM IST
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Lok Sabha Live: discussions are on in Rafale Deal, Nirmala Sitharaman can answer the issue
राहुल गांधी
एआईएडीएमके और टीडीपी सांसदों के हंगामे के कारण गुरुवार को सदन की कार्यवाही 4 जनवरी तक के लिए स्थगित हो गई थी। आज सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। राफेल सौदे को लेकर सदन में चर्चा जारी है। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण इस मसले पर आज जवाब दे सकती हैं।
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कांग्रेस सासंद सुनील जाखड़ और गुरजीत सिंह औजला ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पंजाब के किसानों का मुद्दा उठाते हुए आलू बेचे। वहीं आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे टीडीपी सांसदों ने भी कांग्रेस सासंदों के इस प्रदर्शन में उनका साथ दिया। 
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सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, 'राफेल विमान की तकनीक को सार्वजनिक नहीं करना समझ मे आता है लेकिन कीमत को सार्वजनिक न करना सिर्फ एक बहाना है।'
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, 'अनिल अंबानी ने इस सौदे से 30 हजार करोड़ रुपये बनाए? अनिल अंबानी को किसने कांट्रैक्ट दिलवाया? फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद का कहना है कि पीएम मोदी ने उन्हें यह कांट्रैक्ट दिलवाया था। क्या नई डील पर हिंदुस्तान की वायुसेना, रक्षा मंत्रालय के लोगों को आपत्ति थी या नहीं क्योंकि एक फाइल में लिखा है कि रक्षा मंत्रालय ने सौदे पर आपत्ति दर्ज कराई थी।'

कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक बार फिर राफेल सौदे पर जेपीसी की मांग को दोहराया। उन्होंने कहा, 'हम पहले ही कह रहे थे कि इस बात का फैसला उच्चतम न्यायालय में नहीं होगा। इसका फैसला संसद में होगा। यह लोग अदलात के फैसले की आड़ में अपनी अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। भाजपा सरकार अपनी गलती छुपाने के लिए अदालत को अंग्रेजी पढ़ा रही है।'

राफेल पर चर्चा के दौरान खड़गे ने कहा, 'केंद्र द्वारा उच्चतम न्यायालय में जमा करवाया गया हलफनामा गलत है। केंद्र अदालत और जनता को गुमराह कर रही है। यही वजह है कि हम जेपीसी की मांग कर रहे हैं। हम रिलायंस के डाटा के आधार पर ही कह रहे हैं कि यह 1 लाख 30 हजार करोड़ रुपये का घोटाला है। बात को घुमाने के लिए ये (भाजपा) कहते हैं कि आपका गणित गलत है।'
 

लोकसभा में राफेल पर बहस के दौरान भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, 'कांग्रेस को बहस के लिए तैयार होने में 20 से ज्यादा दिनों का समय लग गया। विपक्ष ने चर्चा का नेतृत्व करने के लिए जिस नेता को आगे किया वह एक असमंजस में और भ्रष्ट नेता हैं जो जमानत पर बाहर हैं। वो 20 मिनट में 20 झूठ बोलकर चले गए। कांग्रेस ने देशहित पीछे रखकर परिवारहित को आगे रखा। जिसका नतीजा हमें चीन से लड़ाई के दौरान भुगतना पड़ा। इनकी सरकार में जीप घोटाले से लेकर अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला हुए और ये रक्षा सौदों पर सवाल करते हैं।'
 

ठाकुर ने अपने जवाब में कांग्रेस के ऊपर जीप, घोटाला और अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले के आरोप लगाए। जिसके बाद कांग्रेस सांसदों ने सदन में हंगामा करना शुरू कर दिया। कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ठाकुर पर विषय से हटकर बात करने का आरोप लगाते हुए कहा, 'अनुराग ठाकुर ने विषय से हटकर बात करते हुए असंसदीय भाषा का प्रयोग किया और अनर्गल बातें की।'

भाजपा सांसद ठाकुर ने कहा, 'यदि कांग्रेस ने राफेल को लेकर सही कदम उठाए होते तो हमारी सरकार को राफेल विमान खरीदने की जरूरत ही नहीं पड़ती। 2012 में आखिर किसने इस सौदे को रोका था। पीएम मोदी ने 95 मिनट के इंटरव्यू में हर मुद्दे पर बात की थी। राहुल गांधी को मिस स्मिता प्रकाश से क्या पूछे जाने की अपेक्षा थी? आप क्या खाने पंसद करते हैं, आपका कुत्ता कैसा है आदि? इसके बाद राहुल गांधी ने महिला पत्रकार पर हमला किया जो बेहद ही निंदनीय है।'
 

रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में राफेल पर कहा, 'देश की सुरक्षा से समझौता नहीं। एक-एक सवाल का जवाब दूंगी। विपक्ष के वरिष्ठ नेता मेरे जवाब सुनना नहीं चाहते हैं। यह बहुत ही निराशाजनक है। इस देश को यह जानने की जरूरत है कि रक्षा खरीद राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है और बहुत महत्वपूर्ण है, चाहे वह सत्ता में हों या फिर हम।'
 

सीतारमण ने कहा, 'भारत हमेशा शांति चाहता है और कभी युद्ध की पहल नहीं करता है। लेकिन हमारे पड़ोस में इस तरह का माहौल नहीं है, ऐसे में हमारा तैयार रहना बेहद जरूरी है। पड़ोसी क्षमता बढ़ा रहे थे और हमारी क्षमता घट रही थी।'

रक्षामंत्री ने कहा, 'हमारी पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर युद्ध हुए हैं। उपकरण की समय पर खरीद प्राथमिकता होनी चाहिए। हमें तात्कालिकता की भावना को पहचानना होगा। 2006-14 के दौरान यूपीए विमान क्यों नहीं खरीद सकी? यूपीए ने राफेल पर क्यों कोई फैसला नहीं लिया? यूपीए ने बातचीत में 8 साल निकाले।'
 

सीतारमण ने कहा, 'चीन और पाकिस्तान मिलकर लड़ाकू विमानों का बड़ा दस्ता तैयार कर रहे हैं। यूपीए सरकार केवल 18 लड़ाकू विमान चाहती थी। यूपीए ने सौदे में गतिरोध पैदा किया। 2022 तक सभी 36 राफेल लड़ाकू विमान भारत को मिल जाएंगे। समझौते के 3 साल के अंदर इसी साल पहला राफेल विमान सितंबर में भारत पहुंच जाएगा। हमने बातचीत की प्रक्रिया को 14 महीने में खत्म किया।'
 

राफेल पर चर्चा करते हुए रक्षामंत्री ने कहा, 'वायुसेना को विमान की तत्काल जरूरत है। यूपीए की इच्छा नहीं थी कि विमान का सौदा हो। यूपीए वाली डील होती तो 11 साल में विमान आते। रक्षा सौदा और रक्षा का सौदा करने में यही अतंर है। हम रक्षा सौदा नहीं करते। हम राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता में रखते हुए रक्षा में सौदा करते हैं। कमीशन नहं मिला इसलिए कांग्रेस ने डील पूरी नहीं की।'
 

कांग्रेस का जेट खरीदने का इरादा नहीं था। हर 'AA' का मतलब 'Q' और 'RV है।
 

निर्मला सीतारमण- जब राहुल गांधी ने एचएएल बेंगलुरू में बैठक की, उन्होंने कहा कि राफेल आपका हक है। आपको इसे बनाना चाहिए था।
 

 

निर्मला सीतारमण: राफेल डील को लेकर एचएएल पर कांग्रेस घड़ियाली आंसू बहा रही है। कांग्रेस सरकार ने एचएएल को 53 कर्जदार दिए। हमने उसे 1 लाख करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट दिए। 

 

निर्मला सीतारमण: इमरजेंसी के हालात में भी दो स्क्वाड्रन ही खरीदे जाते रहे हैं। 1982 में जब पाक एफ 16 खरीद रहा था भारत की सरकार ने तब की सोवियत यूनियन से MIG-23 के स्क्वाड्रन और 1985 में फ्रांस से मिराज 2000 के दो स्क्वाड्रन और MIG-29 के दो स्क्वाड्रन खरीदे। 
 

 

निर्मला सीतारमण: कांग्रेस के नेता ने राफेल के मुद्दे पर वायुसेना प्रमुख को झूठा बताया। इनके एक नेता पाकिस्तान जाकर कहते हैं कि मोदी सरकार को हटाने में हमारी मदद कीजिए। 
 

लोकसभा में रक्षामंत्री ने कहा, 'कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने कहा था कि कांग्रेस विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के साथ भारत के रक्षा सौदों पर चर्चा नहीं करेगी, यह चर्चा सरकार को फ्रांस से करनी है लेकिन हमसे नहीं। राहुल गांधी ने 20 जुलाई को संसद में कहा था कि मैंने फ्रांस के राष्ट्रपति से पूछा था कि क्या कोई गोपनीयता समझौता है लेकिन उन्होंने इसकी मौजूदगी से इनकार कर दिया था। उन्होंने मुझसे कहा था कि उन्हें कीमत को सार्वजनिक करने में कोई दिक्कत नहीं है। कौन सच्चा है? उनमें से एक देश को गुमराह कर रहा है। मुझे इसका सबूत चाहिए।'
 

'हमारा विमान सौदा उनसे 9 प्रतिशत सस्ता है। हमारे समय पर एक विमान की कीमत 670 करोड़ है और उनके समय पर 737 करोड़ का था।'

अब राहुल गांधी रख रहे हैं अपनी बात। अनिल अंबानी का किया जिक्र। 
राहुल गांधी : मैं आप (निर्मला सीतारमण) पर आरोप नहीं लगा रहा, मनोहर पर्रिकर पर आरोप नहीं लगा रहा, मैं नरेंद्र मोदी पर आरोप लगा रहा हूं। 
 

राहुल गांधी : पुराने कांट्रैक्ट को बदलकर नया डेवलेप किया गया। नए कांट्रैक्स में एचएएल को हटाकर अनिल अंबानी को लाया गया। तो ये फैसला किसने लिया। ओलांद ने कहा कि मोदी जी ने किया। यूपीए के समय में राफेल का दाम 526 करोड़ था, आपके शासन में 1600 करोड़ रुपये हो गया। 

 

निर्मला सीतारमण: सौदे के लिए 74 बैठकें की गईं। कांग्रेस से बेहतर सौदा किया। रक्षा मंत्री झूठी है, प्रधानमंत्री चोर है...इस सदन में ये बोला गया है। झूठी कहने का अधिकार किसने दिया। ये सरकार साफ सुथरी है। 

निर्मला सीतारमण- क्या आपने (राहुल गांधी) पीएम की तरफ आंख मारने पर खेद जताया है। इस तरह से सदन नहीं चलता है। मेरे पास कोई खानदान का नाम नहीं है। पीएम भी एक गरीब पृष्ठभूमि से आते हैं। वह कड़ी मेहनत करके यहां तक पहुंचे हैं। मेरा सम्मान बरकरार है। पीएम का सम्मान भी बरकरार है। हम सभी सामान्य पृष्ठभूमि से आए हैं। 

 
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