बीके हरिप्रसाद का विवादित बयान: पुलवामा हमला मोदी और इमरान के बीच ‘मैच फिक्सिंग’ का नतीजा
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कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद के एक बयान को लेकर बृहस्पतिवार को विवाद हो गया जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पुलवामा आतंकी हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच ‘मैच फिक्सिंग’ का नतीजा है। भाजपा ने इस बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा।
हरिप्रसाद ने कहा, ‘‘पुलवामा हमले के बाद के घटनाक्रम पर यदि आप नजर डालेंगे तो पता चलता है कि यह पीएम नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच मैच फिक्सिंग थी।’’
हरिप्रसाद ने कहा कि "केंद्रीय मंत्री रविशंकर को स्पष्ट करना चाहिए कि पीएम मोदी और इमरान खान के बीच क्या मैच फिक्सिंग थी। उनकी जानकारी के बिना पुलवामा का आतंकी हमला नहीं हो सकता।"
इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पुलवामा हमले को ‘दुर्घटना’ बताया था जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने हरिप्रसाद के बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि यह सब राहुल गांधी के इशारे पर हो रहा है।
हरिप्रसाद के बयान से शहीदों का अपमान हुआ: रविशंकर प्रसाद
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पुलवामा हमले के संबंध में कांग्रेसी नेता बी के हरिप्रसाद के बयान को लेकर बृहस्पतिवार को विपक्षी पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि वह राहुल गांधी के नेतृत्व में "अपनी जड़े खोद रही है।"
कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद के एक बयान को लेकर बृहस्पतिवार को विवाद हो गया जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलवामा आतंकी हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच ‘मैच फिक्सिंग’ का नतीजा है।
केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया था कि गांधी न तो भारतीय वायुसेना को मानते है और न ही उच्चतम न्यायालय के निर्णय को, और उन्होंने पूछा कि क्या उन्हें राफेल लड़ाकू विमान के बारे में पाकिस्तान से एक प्रमाणपत्र की जरूरत है। रविशंकर के इस बयान के बाद हरिप्रसाद का बयान आया था।
रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘‘प्रतिदिन इस बात के प्रमाण बढ़ रहे है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस अपनी जड़े खोद शायद अपने भविष्य को नष्ट कर रही है। भारत के लोग इस तरह के आपत्तिजनक बयानों का मुंहतोड़ जवाब देंगे जो सशस्त्र बलों और उनके त्याग का अपमान है।’’
रविशंकर ने पत्रकारों से कहा कि इस तरह के बयानों से उन्होंने भारत की सेनाओं का अपमान किया है, सीआरपीएफ के 40 जवानों की शहादत का अपमान किया है और जवानों के बलिदान की यादों पर नमक छिड़का है।
कानून मंत्री ने कहा, ‘‘क्या वह अपने बयानों के परिणामों को समझते है। जहां तक भारत की सुरक्षा का सवाल है यह बयान शर्मनाक और बहुत निदंनीय है।’’