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हिंदी हार्टलैंड की पटरी पर फिर दौड़ी मोदी एक्सप्रेस, 11 राज्यों ने दिखाई दरियादिली
Fri, 24 May 2019 07:12 AM IST
देव कश्यप
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 24 May 2019 07:12 AM IST
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रांची में जश्न मनाते कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
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बीते चुनाव मेंं भाजपा का बहुमत हासिल करने का चमत्कार हिंदी पट्टी के 11 राज्यों में प्रदर्शन की बदौलत संभव हुआ था। इस बार दोबारा बहुमत हासिल कराने में इसी हिंदी पट्टी के राज्यों ने अहम भूमिका निभाई। पार्टी इससे जुड़े राज्यों में अपना पुराना प्रदर्शन दुहराने में कामयाब रही तो पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बेहतर प्रदर्शन की बदौलत कुल सीटों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी कर ली।
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बीते चुनाव की बात करें तो पार्टीनीत राजग ने हिंदी हार्टलैंड की 11 राज्यों की 226 सीटों में से 202 सीटों पर कब्जा जमाया था। इस बार पार्टी सीटों का आंकड़ा 201 तक पहुंचाने में कामयाब रही। पिछले चुनाव में पार्टी ने इन 11 राज्यों में से 5 राज्योंं (उत्तराखंड, राजस्थान, दिल्ली, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश) में क्लीन स्वीप किया था। इस बार इन पांचों राज्यों के अलावा पार्टी हरियाणा में भी क्लीन स्वीप करने में कामयाब रही। पार्टी बिहार व मध्यप्रदेश में महज एक सीट तो झारखंड और छत्तीसगढ़ में दो सीट से क्लीन स्वीप करने से चूक गई।
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हिंदी पट्टी के राज्यों पर ही था संदेह
चुनाव से पहले कयास लगाए जा रहे थे कि हिंदी पट्टी के राज्यों की करीब 90 फीसदी सीटों पर काबिज भाजपा पुराना प्रदर्शन न दुहराने केकारण बहुमत से दूर रहेगी। चूंकि इनमें से तीन राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पार्टी ने कांग्रेस के हाथों सत्ता गंवा दी थी। इसलिए सभी को इन राज्यों में भाजपा का पुराना प्रदर्शन दुहराने पर संदेह था। हालांकि इन राज्यों मेंं पार्टी महज यूपी में पुराना प्रदर्शन दुहराने में नाकाम रही। अगर पार्टी यहां पुराना प्रदर्शन दुहराती तो इस चुनाव में पार्टी को पिछले चुनाव से ज्यादा सीटें हासिल होती।
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इस रणनीति ने बदली किस्मत
हिंदी पट्टी में पुराना प्रदर्शन दुहराने के लिए पार्टी ने इससे संबंधित राज्यों में माहौल बनाया कि चुनाव केंद्र में प्रधानमंत्री चुनने के लिए है। फिर बड़ी संख्या में टिकट काट कर सत्ता विरोधी भावना को खत्म किया। इस कड़ी में पार्टी ने 68 सीटों (छत्तीसगढ़10, यूपी 21, राजस्थान 6, बिहार 8, मध्यप्रदेश 12, झारखंड 3 और हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली के 2-2 ) पर नए चेहरों को आजमाया। इसके बाद चुनाव प्रचार की गाड़ी में राष्ट्ररवाद का ईंधन भर कर पुरानी सफलता दोहरा ली।
| राज्य | 2014 | 2019 |
| उत्तर प्रदेश | 73 | 62 |
| बिहार | 31 | 39 |
| झारखंड | 12 | 12 |
| उत्तराखंड | 05 | 05 |
| मध्यप्रदेश | 27 | 28 |
| छत्तीसगढ़ | 10 | 09 |
| राजस्थान | 25 | 25 |
| दिल्ली | 07 | 07 |
| हरियाणा | 07 | 10 |
| चंडीगढ़ | 01 | 01 |
| हिमाचल प्रदेश | 04 | 04 |
| कुल | 202 | 202 |