लोकसभा चुनाव 2019 : पश्चिम बंगाल की नौ सीटों के लिए थमा प्रचार का शोर
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पश्चिम बंगाल में आखिरी दौर की नौ सीटों के लिए चुनाव प्रचार का शोर बृहस्पतिवार रात दस बजे थम गया। चुनाव आयोग ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान हुई हिंसा व आगजनी को ध्यान में रखते हुए राज्य में चुनाव प्रचार के समय में 20 घंटे कटौती कर दी थी। नतीजतन तमाम दलों का चुनाव अभियान शुक्रवार शाम छह बजे की बजाय आज रात ही थम गया।
चुनाव प्रचार के समय में कटौती की वजह से आज तमाम दलों में चुनाव प्रचार की होड़ मची रही। इस दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो रैलियां तो पहले से तय थीं। उन्होंने शाम को महानगर के दमदम और दक्षिण 24-परगना जिले के मथुरापुर संसदीय इलाकों में चुनावी रैलियों को संबोधित किया।
लेकिन ममता बनर्जी को इस वजह से अपनी रैलियों का समय बदलना पड़ा। पहले डायमंड हार्बर और मथुरापुर में उनकी रैलियां शुक्रवार को होनी थीं। लेकिन ममता ने आज ही वहां रैलियां की। उन्होंने उसके बाद जोका से तारातला तक पदयात्रा भी की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप की वजह से मतदाताओं में भी उदासीनता है। महानगर के गरियाहाट इलाके के एक व्यापारी अंजस साहा का सवाल था कि यह कैसी राजनीति है? हम मजबूरी में वोट देने जाते हैं। लेकिन कोई भी इसके काबिल नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री स्कूली बच्चों की तरह लड़ रहे हैं। इन दोनों के झगडे़ में आम लोगों के हितों से जुडे़ मुद्दे चुनाव प्रचार से गायब हैं।
आखिरी दौर में जिन सीटों पर मतदान होना है उनमें कोलकाता उत्तर, कोलकाता दक्षिण, जादवपुर, दमदम, डायमंड हार्बर, मथुरापुर, बशीरहाट, बारासात व जयनगर शामिल हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में यह तमाम सीटें तृणमूल कांग्रेस को मिली थीं। लेकिन भाजपा ने अबकी इन सीटों पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
ममता ने जताया विपक्षी नेताओं का आभार
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की ओर से प्रचार के समय में कटौती के विरोध पर विपक्षी नेताओं के समर्थन के लिए उनके प्रति आभार जताया है। बृहस्पतिवार को अपने एक ट्वीट में तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने बसपा प्रमुख मायावती, सपा नेता अखिलेश यादव और कांग्रेस समेत तमाम दलों और नेताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा के निर्देश पर चुनाव आयोग का फैसला लोकतंत्र पर सीधा हमला है। लोग इसका करारा जवाब देंगे।
ध्यान रहे कि महानगर में मंगलवार को भाजपा और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसा को ध्यान में रखते हुए आयोग ने बंगाल में आखिरी दौर के मतदान से पहले चुनाव प्रचार के समय में 20 घंटे की कटौती करने का एलान किया था। आखिरी दौर में महानगर और आसपास की नौ सीटों पर मतदान होना है। ममता ने आयोग पर भाजपा के निर्देश पर काम करने का आरोप लगाते हुए उसके फैसले को अनैतिक व असंवैधानिक करार दिया था।