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दोनों कक्ष में एक ही सदन, भारतीय संसद के इतिहास में 1952 के बाद पहली बार होगा ऐसा
Mon, 17 Aug 2020 01:41 AM IST
संजीव कुमार झा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Mon, 17 Aug 2020 01:41 AM IST
सार
- पहले चार घंटे लोकसभा, फिर चार घंटे चलेगी राज्यसभा की कार्यवाही
- कोरोना के चलते की गई मानसून सत्र के लिए अनोखी व्यवस्था
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संसद
- फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय संसद के इतिहास में 1952 के बाद पहली बार ऐसा होगा कि मानसून सत्र में कार्यवाही के दौरान लोकसभा और राज्यसभा जुड़ जाएंगी। कार्यवाही के दौरान राज्यसभा के सदस्य लोकसभा में तो लोकसभा के सदस्य राज्यसभा के साथ सेंट्रल हॉल में बैठे दिखेंगे। कार्यवाही में दोनों सदनों की अलग-अलग दीर्घाओं का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इस दौरान कई अलग-अलग जगहों में बैठे सांसद और मंत्री बड़े-बड़े टीवी स्क्रीन्स और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से एक-दूसरे से जुड़े रहेंगे। पहले चार घंटे लोकसभा फिर दो घंटे के ब्रेक के बाद राज्यसभा की चार घंटे की कार्यवाही शुरू होगी।
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इस महीने के अंतिम हफ्ते या सितंबर के पहले हफ्ते में आयोजित होने वाला मानसून सत्र नए तेवर और कलेवर में होगा। कोरोना महामारी से बचने के लिए जरूरी दो गज की दूरी का पालन करने के लिए कार्यवाही के दौरान बैठने और कार्यवाही संचालन के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं। सबसे अहम बदलाव कार्यवाही के लिए राज्यसभा और लोकसभा का एक दूसरे के लिए इस्तेमाल किया जाना है। सूत्रों के मुताबिक लोकसभा की कार्यवाही पूर्वाह्न दस बजे से दोपहर बाद दो बजे तक और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर बाद चार बजे से शाम आठ बजे तक बुलाने पर मंथन हो रहा है।
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राज्यसभा में ऐसी होगी स्थिति
उच्च सदन में कार्यवाही के दौरान 60 सदस्य राज्यसभा चैंबर में, 132 सदस्य लोकसभा चैंबर में और 51 सदस्य दोनों सदनों की अलग-अलग दीर्घाओं में बैठेंगे। राज्यसभा में जिन 60 सदस्यों को जगह मिलेगी उनमें प्रधानमंत्री, नेता सदन, नेता प्रतिपक्ष, विभिन्न दलों के संसदीय दल के नेता और वरिष्ठ मंत्री शामिल होंगे। बाकी सदस्यों को लोकसभा और विभिन्न दीर्घाओं में जगह मिलेगी।
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लोकसभा में ऐसी होगी स्थिति
निचले सदन में कार्यवाही के दौरान (132 सदस्यों में) प्रधानमंत्री, कांग्रेस समेत विभिन्न दलों के संसदीय दलों के नेताओं, पूर्व प्रधानमंत्री, सभी मंत्री और विभिन्न दलों के कुछ वरिष्ठ नेताओं को जगह मिलेगी। 60 सांसद राज्यसभा, 51 अलग-अलग दीर्घाओं और 200 सदस्यों को सेंट्रल हॉल में जगह मिलेगी। कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए राज्यसभा में चार और अलग-अलग दीर्घाओं के साथ सेंट्रल हॉल में बड़ी टीवी स्क्रीन लगाने की व्यवस्था की गई है।
सत्र की खासियत: नहीं होगा प्रश्नकाल और शून्यकाल
- सत्र के दौरान नहीं होगा प्रश्नकाल और शून्यकाल
- सरकारी मीडिया को मिलेगा मौका
- राज्यसभा में सात मीडियाकर्मियों को ही मिलेगा मौका
- लोकसभा में 15 मीडियाकर्मियों को ही मिलेगा मौका
- सेशनल पास वालों को जगह नहीं
- लॉटरी से तय होंगे मीडिया संस्थानों के नाम
- दर्शकों को नहीं मिलेगी कार्यवाही देखने की अनुमति
- कार्यवाही के बाद तत्काल संसद भवन छोड़ेंगे सांसद