{"_id":"5979d1584f1c1bdb558b4881","slug":"live-updates-angrey-sharad-yadav-met-rahul-gandhi-after-latest-development-in-bihar","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"शरद यादव मानेंगे या जाएंगे जेडीयू से बाहर, जेटली ने दिया मोदी सरकार में मंत्री का ऑफर","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
शरद यादव मानेंगे या जाएंगे जेडीयू से बाहर, जेटली ने दिया मोदी सरकार में मंत्री का ऑफर
amarujala.com- presented by: संदीप भट्ट
Updated Thu, 27 Jul 2017 09:47 PM IST
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भाजपा से हाथ मिलाने के नीतीश कुमार के फैसले पर जदयू केवरिष्ठ नेता शरद यादव नाराज हैं। लेकिन पार्टी सुप्रीमों नीतीश कुमार भी उनकी नाराजगी से नाखुश हैं। शरद की नाराजगी को लेकर दिल्ली में दिनभर अटकलों का बाजार गर्म रहा। पार्टी के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक अगर अगले दो दिनों में शरद यादव नरम नहीं पड़ते तो पार्टी हाईकमान उनके खिलाफ कड़ा फैसला लेने से गुरेज नहीं करेगा।
जदयू नेता के सी त्यागी ने हालांकि अमर उजाला से बातचीत में दावा किया है कि शरद जी कही नहीं जाएंगे। हमारे साथ ही रहेंगे। कुछ मुद्दों को लेकर को मनमुटाव है। उन्हें मना लिया जाएगा।
उधर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उन्हें मनाने की कोशिश की है।
दूसरी तरफ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी शरद यादव के इस विरोधी सुर को समर्थन दे रहे हैं। बृहस्पतिवार को राहुल और शरद की बीच मुलाकात हुई। सूत्रों ने बताया कि राहुल ने शरद से कहा है कि वह विरोध के सुर उठाए। वह उनके साथ है।
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सूत्रों ने बताया कि शरद यादव को मोदी सरकार की ओर से मंत्री पद की पेशकश की गई है। शरद यादव ने देर शाम नीतीश के फैसले से नाखुश नेताओं से मुलाकात की। शरद यादव ने नीतीश के फैसले पर विचार करने के लिए देश भर के जदयू नेताओं से आने वाले दिनों में बैठक करेंगे।
जदयू से राज्य सभा सांसद अली अलवर ने सुबह पत्रकारों से बातचीत में नीतीश के फैसले पर नाखुशी जताई थी। उन्होंने कहा कि भाजपा की विचारधारा से उनको आपत्ति थी।
मगर शाम को जब अली अलवर शरद यादव से मुलाकात की थी तो उन्होंने कहा कि पार्टी से बगावत करने का कोई सवाल नहीं है। हम बस इस बात से भौचक्क है कि कैसे कुछ घंटों में इतना बड़ा फैसला ले लिया गया।
अली अनवर के मुताबिक शरद यादव ने उन्हें बताया कि नीतीश कुमार ने उन्हें भाजपा के साथ जाने के फैसले के बारे में बताया नहीं था। नीतीश के एक करीबी एक जदयू नेता ने बताया कि अली अलवर की राज्यसभा सदस्यता अप्रैल 2018 में खत्म हो रही है, इसलिए वह बगावती सुर अपना रहे है।
केरल जदयू अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने कहा कि शरद यादव और हम नीतीश के इस फैसले से हैरान है। केरल जदयू नीतीश के फैसले के साथ नहीं। जदयू नेता अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि शरद यादव जल्द ही देशभर में जदयू के नेताओं से बातचीत कर प्रेस से बात करेंगे।
माकपा नेता सीताराम येचुरी ने बिहार में गठबंधन टूटने पर नीतीश कुमार पर कटाक्ष किया। येचुरी ने कहा कि नीतीश कुमार हर साल अलग-अलग गठबंधन के साथ सीएम की शपथ लेकर रिकार्ड बना रहे हैं। यह अवसरवादी राजनीति है।
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जदयू नेता के सी त्यागी ने हालांकि अमर उजाला से बातचीत में दावा किया है कि शरद जी कही नहीं जाएंगे। हमारे साथ ही रहेंगे। कुछ मुद्दों को लेकर को मनमुटाव है। उन्हें मना लिया जाएगा।
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उधर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उन्हें मनाने की कोशिश की है।
दूसरी तरफ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी शरद यादव के इस विरोधी सुर को समर्थन दे रहे हैं। बृहस्पतिवार को राहुल और शरद की बीच मुलाकात हुई। सूत्रों ने बताया कि राहुल ने शरद से कहा है कि वह विरोध के सुर उठाए। वह उनके साथ है।
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सूत्रों ने बताया कि शरद यादव को मोदी सरकार की ओर से मंत्री पद की पेशकश की गई है। शरद यादव ने देर शाम नीतीश के फैसले से नाखुश नेताओं से मुलाकात की। शरद यादव ने नीतीश के फैसले पर विचार करने के लिए देश भर के जदयू नेताओं से आने वाले दिनों में बैठक करेंगे।
जदयू से राज्य सभा सांसद अली अलवर ने सुबह पत्रकारों से बातचीत में नीतीश के फैसले पर नाखुशी जताई थी। उन्होंने कहा कि भाजपा की विचारधारा से उनको आपत्ति थी।
मगर शाम को जब अली अलवर शरद यादव से मुलाकात की थी तो उन्होंने कहा कि पार्टी से बगावत करने का कोई सवाल नहीं है। हम बस इस बात से भौचक्क है कि कैसे कुछ घंटों में इतना बड़ा फैसला ले लिया गया।
अली अनवर के मुताबिक शरद यादव ने उन्हें बताया कि नीतीश कुमार ने उन्हें भाजपा के साथ जाने के फैसले के बारे में बताया नहीं था। नीतीश के एक करीबी एक जदयू नेता ने बताया कि अली अलवर की राज्यसभा सदस्यता अप्रैल 2018 में खत्म हो रही है, इसलिए वह बगावती सुर अपना रहे है।
We including Sharad ji had no idea that such a big development would happen overnight. We are surprised: Ali Anwar,JDU pic.twitter.com/Vl9xnLQrBK
— ANI (@ANI_news) July 27, 2017
केरल जदयू अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने कहा कि शरद यादव और हम नीतीश के इस फैसले से हैरान है। केरल जदयू नीतीश के फैसले के साथ नहीं। जदयू नेता अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि शरद यादव जल्द ही देशभर में जदयू के नेताओं से बातचीत कर प्रेस से बात करेंगे।
माकपा नेता सीताराम येचुरी ने नीतीश कुमार पर किया कटाक्षSharad ji is concerned over Nitish Kumar's decision.In 1-2 days Sharad ji will talk to senior leaders of all national parties-Arun Kumar,JDU pic.twitter.com/B479rGbL9P
— ANI (@ANI_news) July 27, 2017
माकपा नेता सीताराम येचुरी ने बिहार में गठबंधन टूटने पर नीतीश कुमार पर कटाक्ष किया। येचुरी ने कहा कि नीतीश कुमार हर साल अलग-अलग गठबंधन के साथ सीएम की शपथ लेकर रिकार्ड बना रहे हैं। यह अवसरवादी राजनीति है।
Every few years #NitishKumar takes oath as CM from different alliances.Quite a record.Straightforward political opportunism: Sitaram Yechury pic.twitter.com/suV5xq5dKg
— ANI (@ANI_news) July 27, 2017
नीतीश के भाजपा से गठबंधन पर जदयू की महाराष्ट्र इकाई नाराज
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एनडीए में शामिल होने के घटनाक्रम से महाराष्ट्र की जदयू इकाई भी नाराज हो गई है। महाराष्ट्र प्रदेश जदयू अध्यक्ष विधायक कपिल पाटिल ने कहा है कि वह बड़ी अपेक्षा के साथ जदयू में शामिल हुए थे लेकिन, नीतीश कुमार के भाजपा के साथ जाने से उन्हें झटका लगा है। पाटिल ने कहा कि वह पार्टी की बैठक कर जल्द ही अपना निर्णय जाहिर करेंगे।
पाटिल ने कहा कि देश में हो रही किसान आत्महत्या के बावजूद नीतीश कुमार ने बिहार को किसान आत्महत्या से मुक्त रखा था। भ्रष्टाचार मुक्त और संघ मुक्त भारत के उनके नारे से प्रभावित होकर मैंने अपनी पार्टी को जदयू में विलीन किया था।
पूरा देश सांप्रदायिकता और द्वेषपूर्ण राजनीति के खिलाफ उनकी ओर देख रहा था। लेकिन, बिहार में अचानक सरकार बनाने की उनकी जल्दबाजी आश्चर्यचकित करने वाली है। इससे हम दुखी हैं। पाटिल ने कहा कि जल्द ही राज्य कार्यकारिणी की बैठक कर अपनी भूमिका स्पष्ट करेंगे। मालूम हो कि कपिल पाटिल ने कुछ दिन पहले अपनी पार्टी लोकभारती को जदयू में विलीन कर दिया था।
पाटिल ने कहा कि देश में हो रही किसान आत्महत्या के बावजूद नीतीश कुमार ने बिहार को किसान आत्महत्या से मुक्त रखा था। भ्रष्टाचार मुक्त और संघ मुक्त भारत के उनके नारे से प्रभावित होकर मैंने अपनी पार्टी को जदयू में विलीन किया था।
पूरा देश सांप्रदायिकता और द्वेषपूर्ण राजनीति के खिलाफ उनकी ओर देख रहा था। लेकिन, बिहार में अचानक सरकार बनाने की उनकी जल्दबाजी आश्चर्यचकित करने वाली है। इससे हम दुखी हैं। पाटिल ने कहा कि जल्द ही राज्य कार्यकारिणी की बैठक कर अपनी भूमिका स्पष्ट करेंगे। मालूम हो कि कपिल पाटिल ने कुछ दिन पहले अपनी पार्टी लोकभारती को जदयू में विलीन कर दिया था।