LIVE: बारिश से मुंबई को मिलने लगी राहत, दो रूट पर लोकल ट्रेन शुरू, एयरपोर्ट भी हो रहे तैयार
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देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लगातार बारिश हो रही है। मूसलाधार बारिश के चलते राज्य में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही बारिश के कारण बिगड़ते हालात को देखते हुए शहर में दो दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। रातभर बारिश नहीं हुई लेकिन सुबह एक बार फिर बारिश शुरू हुई तो लोग सहम उठे। बारिश के कारण बने कई जगह भरे पानी में दो लोगों की बहने से मौत हो गई, इनमें एक शहर के प्रमुख डॉक्टर भी बताए जा रहे हैं। हालांकि अब बारिश थमने के बाद कई लोकल रूट पर ट्रेनों का संचालन भी शुरू कर दिया गया है, वहीं एयरपोर्ट को भी हवाई सेवाओं के लिए तैयार किया जा रहा है। दूसरी ओर बारिश के कारण शहर के प्रसिद्ध डिब्बेवाले आज काम नहीं करेंगे।
बारिश के कारण विक्रोली के वरसा नगर में दो मंजिला इमारत ढह गई है, इस हादसे में तीन लोग बुरी तरह से घायल हो गए हैं। घायलों को पास के राजवाड़ी अस्पताल जे जाया गया, जहां एक शख्स की मौत हो गई है। वहीं ठाणे में तीन बहने पानी में बह गई।
महाराष्ट्र सरकार ने हालात को देखते हुए आज के लिए स्कूल और कॉलेज बंद रखने का ऐलान किया है। वहीं मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटे में तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। जिसके चलते एनडीआरएफ और अन्य रेस्क्यू टीम के लिए अलर्ट जारी किया है। साथ ही मुंबई से गुजरने वाली 17 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।
Central railway has resumed services from Kurla to Dombivali #MumbaiRains pic.twitter.com/cI81yfn7oy
— ANI (@ANI) August 30, 2017
Indian Navy distributes breakfast and tea to people at CSMT station #MumbaiRains pic.twitter.com/yYa18XWMWS
— ANI (@ANI) August 30, 2017
#Maharashtra Severe water logging at Thane railway station in early morning hours following heavy rain pic.twitter.com/YL3UgIGhEc
— ANI (@ANI) August 30, 2017
याद आ गई 2005 की खौफनाक बाढ़
मुंबई की इस बारिश ने लोगों को महानगर में आई 2005 की भयंकर बाढ़ की याद दिला दी है। तब मुंबई में इससे 500 लोगों की मौत हो गई थी। मर्चेंट नेवी अफसर कैप्टन शिवराज माने के जेहन में अब भी 26 जुलाई 2005 की खौफनाक यादें ताजा हैं। उस दिन आई भारी बाढ़ में कई लोगों की मौत करंट लगने से हो गई थी।
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कई दीवार गिरने से दब गए थे। तब एक ही दिन में 94 मिमी. बारिश हो गई थी। उस दिन माने हजारों अन्य लोगों की तरह मुंबई में जमा पानी के बीच से चलते हुए घर पहुंचे थे। उन्हें घर पहुंचने में तीन दिन लग गए थे। बाढ़ के पानी से बचने के लिए उन्हें भैंस पर सवार होना पड़ा था। उन्होंने खुद पानी में लाशें बहती देखी थी।
स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे
भारी बारिश की वजह से मुंबई और उपनगरीय इलाकों में बुधवार को स्कूल-कॉलेज बंद रखने का फैसला किया गया है। शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने इसके लिए निर्देश जारी किया है। हेलीकॉप्टर और गोताखोर तैनात भारी बारिश में बचाव कार्य के लिए नौसेना के हेलीकॉप्टर को तैयार रखा गया है। बाढ़ राहत टीमें और गोताखोर भी आपात स्थिति से निपटने को तैयार हैं।
मुंबई में 298 मिमी बारिश
मायानगरी मुंबई में मंगलवार को 298 मिलीमीटर पानी बरसा। मौसम विभाग के सांताक्रूज मौसम केंद्र ने यह अनुमान लगाया है। विभाग के डाटा के मुताबिक, यह 1997 के बाद से अगस्त के महीने में दिन में हुई सबसे अधिक बारिश है। 23 अगस्त, 1997 को मुंबई में 346.2 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। मौसम विभाग, मुंबई के अदलत 1974 के बाद हुई बारिश के आंकड़े हैं। मौसम विभाग के ये आंकड़े पूरे मुंबई की स्थिति बयां करते हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार को भारी बारिश हुई। बुधवार को भी भारी बारिश होने का अनुमान है। हम बारिश और उसके पैटर्न की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।
बारिश और तेज हवाओं ने मुंबई पर कहर बरपाया
मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं की वजह से महानगर मुंबई पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। सोमवार से जारी मूसलाधार बारिश और बेहद तेज हवाओं ने पूरी मुंबई को ठप कर दिया। रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई, सड़कों पर वाहन फंस गए। उड़ानें लेट हो गईं। जगह-जगह पेड़ उखड़ गए और घरों में पानी घुस गया। लोग अपने घरों से नहीं निकल सके। ट्रेनों से दफ्तर के लिए निकले लोग स्टेशन से ही बाहर नहीं निकल पाए। मुंबई की तरह उपनगरीय इलाकों का भी बारिश से बुरा हाल है।
भारी बारिश के साथ ही समुद्र की ऊंची लहरें भी मुसीबत बन गईं। इन लहरों ने महानगर में जमा पानी को समुद्र में जाने से रोक दिया। नतीजतन लोग इन ऊंची लहरों से घिर कर रह गए। भारी बारिश से बीएमसी के बड़े अस्पताल में शुमार केईएम के निचले तल पर भी पानी जमा हो गया, जिससे मरीजों को ऊपरी मंजिल पर शिफ्ट करना पड़ा। घरों के अलावा दफ्तरों और स्कूलों में भी पानी भर गया। मूसलाधार बारिश के साथ तेज हवाएं भी चलीं, जिससे महानगर में पौने दो सौ से अधिक पेड़ धराशायी हो गए। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए एनडीआरएफ की दो टीमें, नौसेना और कोस्ट गार्ड जुटी हुई हैं।
मौसम विभाग के सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को तीन घंटे में ही महानगर में 65 मिमी. बारिश हो गई। कुल 85 मिमी. बारिश रिकार्ड की गई। आशंका है कि अगले दो-तीन दिनों में 250 मिमी. तक बारिश हो सकती है। लोगों को घरों से न निकलने को कहा गया है।
हर तरफ थमा गाड़ियों का रेला
महानगर में हर सड़क पर वाहन फंसे दिखे। जिधर नजर जा रही थी हजारों वाहनों को लंबी कतारें नजर आईं। ईस्टर्न और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाई वे, सियोन-पनवेल हाई वे और एलबीएस मार्ग पर ट्रैफिक रेंग रहा था। लोअर परेल, दादर, कुर्ला, अंधेरी, खार वेस्ट, घाटकोपर, सियो और हिंदमाता इलाके में कमर तक पानी भर। व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
ट्रेनें ठप, कई उड़ानों में देरी
बारिश से ठप मुंबई में ट्रेनें या तो देर से चल रही थीं या जहां की तहां थम गई थीं। उपनगरीय इलाके के तीनों रूटों यानी सेंट्रल, नॉर्थ और हार्बर लाइनों की पटरियां पानी में डूब गई। बारिश थमने का घंटों इंतजार कर रहे यात्री पैदल उतर कर पटरियों के सहारे अपने घरों को चल पड़े। कई उड़ानें देर से शुरू हुईं।
अभी और कहर बरपाएगी बारिश
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए रेड सिगनल जारी किया है। यानी अभी और भयंकर बारिश हो सकती है। महानगर और आसपास के इलाकों में भी अगले दो-तीन में और बारिश हो सकती है।
सीएम ने लिया जायजा
मुख्यमंत्री देेवेंद्र फडणवीस ने राज्य आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने राज्य सरकार को मंत्रालयों के कर्मचारियों की जल्दी छुट्टी की घोषणा कर दी और प्राइवेट सेक्टरों की कंपनियों को भी अपने कर्मचारियों को जल्दी घर भेजने की अपील की।
मोदी ने ली हालात की जानकारी
पीएम नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुंबई के हालात का जायजा लिया। पीएम ने ट्वीट कर कहा कि उन्होेंने सीएम से हालात के बारे में पूछा और हर संभव मदद का भरोसा दिया।