फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Liquor ban in Bihar, PIL files against ban in court

कोर्ट पहुंचा बिहार में शराब बंदी का मामला

Thu, 07 Apr 2016 10:40 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, पटना
ब्यूरो/ अमर उजाला, पटना Updated Thu, 07 Apr 2016 10:40 AM IST
विज्ञापन
Liquor ban in Bihar, PIL files against ban in court
शराब बंदी के साइड इफेक्ट आ रहे हैं सामने - फोटो : PTI

चौतरफा तारीफ के बीच बिहार में शराब बंदी का साइड इफेक्ट भी दिखने लगा है। शराब की लत से ग्रसित कोई पागलों की तरह साबुन खा रहा है तो कोई जनहित याचिका लेकर अदालत का दरवाजा खटखटा रहा है।

विज्ञापन


वहीं मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर शराब कारोबारियों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की है। जदयू ने पूरे मामले पर बस इतना ही कहा है कि नीतीश जो संकल्प ले चुके हैं, उस पर अमल हो रहा है। सरकार सबका ध्यान रख रही है। नीतीश के फैसले के दूसरे दिन अफवाह उड़ती रही कि राज्य में झारखंड और नेपाल से शराब आ रही है। इस बीच शराब के लती ऊटपटांग हरकत करने लगे हैं।
विज्ञापन


बेतिया के गयासुद्दीन शराब नहीं मिलने पर घर में रखा साबुन ही खा गए। वहीं सीवान के संजय राय पागलों की तरह व्यवहार करने लगे हैं। दोनों को इलाज के लिए नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया है। राज्य के अन्य भागों से भी इस तरह की खबरें आ रही हैं। दूसरी ओर पूर्व वायु सैनिक ने शराब बंदी के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में पीआईएल दायर कर दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

राज्य में पुलिसिया शासन शुरू हो जायेगा

Liquor ban in Bihar, PIL files against ban in court
नीतीश कुमार के फैसले को महिलाओं का समर्थन - फोटो :

अवध नारायण सिंह नामक इस अधिकारी के अधिवक्ता भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने बहुत ही जल्दबाजी में शराब बंदी लागू की है। इसके लिए पहले से तैयारी की जानी चाहिए थी और पूरी व्यवस्था व्यवहारिक होनी चाहिए थी। इसमें किया गया सजा का प्रावधान बहुत सख्त है और इससे राज्य में पुलिसिया शासन शुरू हो जायेगा। याचिका के अनुसार सरकार का प्रतिबंध संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 22 का उल्लंघन है।

भाजपा ने भी सरकार पर जल्दी में फैसला लेने का आरोप लगाया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सरकार ने इस कारोबार से जुड़े लोगों का ख्याल किए बिना फैसला लागू कर दिया। शराब बनाने और बेचने वालों को सरकार ने लाइसेंस दिया था। उन्होंने इस कारोबार में काफी निवेश कर रखा है, लेकिन सरकार ने अब तक उनकी लाइसेंस फीस तक नहीं लौटाई है। मोदी ने कहा कि सरकार को फैसला लागू करने से पहले इस कारोबार से जुडे़ लोगों को उचित मुआवजा देना चाहिए था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed