केरल में वामपंथ चला निजी निवेश की राह पर
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केरल में नई सरकार के बनने के कुछ दिन बाद ही राज्य के नए मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन और औद्योगिक मंत्री ई. पी. जयराजन रेलवे के निजीकरण के समर्थन में आगे आए है। केरल में वामपंथ अधिक सिद्धांतवादी और कठोर है इस नजरिये को तोड़ते हुए उन्होंने बहुराष्ट्रीय कंपनीयों के केरल में निवेश का भी स्वागत किया है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ पिछले हफ्ते हुई एक बैठक के बाद पी. विजयन ने कहा कि हम राज्य में रेलवे की पटरियों को बिछाने के लिए निजी निवेश लाने की संभावनाओं पर विचार कर रहें हैं। उन्होंने राज्य में निवेश के पब्लिक-प्राईवेट मॅाडल को लेकर भी संवाददाताओं से बात की।
केरल चुनाव के दौरान लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में 10 लाख लोगों को रोजगार देने का वादा किया था और पी. विजयन यह जानते है कि यह लक्ष्य राज्य में निजी निवेश को बढ़ावा दे कर ही पुरा किया जा सकता है। विजयन की स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट है कि केरल के विकास के रास्ते पर वैचारिक रुकावटों को नहीं आने दिया जाएगा।
पी. विजयन के शपथ लेने के अगले दिन ही इंफोसिस के सह-संस्थापक गोपालकृष्णन विशेष अतिथि के तौर पर आए थे। हालांकि, उन दोनों के बीच क्या बात हुई इसका अभी पता नहीं चल सका है लेकिन सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने उनसे तिरुवनंतपुर कैंपस के दूसरे चरण के विस्तार को रोकने के इंफोसिस के फैसले के बारे में पूछा।
औद्योगिक मंत्री ई. पी. जयराजन ने भी यह साफ कर दिया है कि सरकार राज्य में बहुराष्ट्रीय कंपनीयों का आंख मूंदकर विरोध नहीं करेगी और ना ही बहुराष्ट्रीय एकाधिकार पर प्रतिबंध लगाएगी अगर वो राज्य के हित में है।