लालू के मंत्री बेटे पर लगा 90 लाख के मिट्टी घोटाले का आरोप
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मिट्टी का नहीं दे पाएं सबूत
हालांकि सुशील मोदी इस बात का सबूत नहीं दे पाए, जिससे इस बात का पता चला हो कि जो मिट्टी चिड़ियाघर ने खरीदी है वो शॉपिंग मॉल की जमीन से ही निकली है। सुशील मोदी के मुताबिक, जमीन का मालिकाना हक डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के पास है, जिसके तीन डायरेक्टरों में लालू यादव के दोनों बेटे तेजप्रताप और तेजस्वी के साथ बेटी चंदा यादव भी हैं।
मिट्टी निकालने का काम जिस कंपनी को दिया गया, उस कंपनी के मालिक भी आरजेडी के विधायक अबू दोज़ना हैं। इस मॉल में अंडरग्राउंड दो लेवल की पार्किंग भी है।
बिना टेंडर के दिया काम
सुशील मोदी ने कहा कि पटना चिड़ियाघर ने बिना टेंडर के यह काम वीरेंदर यादव को दिया, जो लालू यादव के करीबी हैं। वहीं पटना चिड़ियाघर के निदेशक ने कहा कि उन्होंने यह काम बिना किसी टेंडर के दिया था, क्योंकि विभाग को इस तरह का काम करने के लिए किसी प्रकार का कोई टेंडर निकालने की कोई जरुरत नहीं है।
मोदी ने की सीएम से जांच कराने की मांग
सुशील मोदी ने इस पूरे मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग की है और साथ-साथ तेजप्रताप यादव को बर्खास्त करने की भी मांग की हैं। वन विभाग के अधिकारी भी मानते हैं कि मिट्टी का काम जिस तरीके से रातभर पटना चिड़ियाघर में किया जा रहा है वह न केवल नियमों को ताक पर रखा कर किया जा रहा है बल्कि इस पूरे काम में कुछ भी पारदर्शी नहीं है