10 मिनट तक 85 विमानों से टूटा रहा ATC का संपर्क
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कोलकाता के आसमान में गुरुवार को अफरातफरी का आलम था 85 से ज्यादा हवाईजहाजों का संपर्क एटीएस से टूटा रहा। दस मिनट तक 25 हजार से ज्यादा हवाई यात्री मझधार में ही अटके रहे।
जानकारी के अनुसार तकनीकी समस्या के कारण कोलकाता एयरपोर्ट पर एयर कंट्रोल के लिए लगे रडार और वीएचएफ रेडियो लिंक लगभग 1 घंटा 40 मिनट तक पूरी तरह ठप रहे। इसकी वजह से एटीसी का आसमान में उड़ रहे 85 विमानों से संपर्क टूटा रहा।
उस समय कोलकाता एटीसी पर कार्यरत 35 नियंत्रकों ने जैसे तैसे नजदीकी एटीसी से संपर्क करने का प्रयास किया। इस सारे वाक्ये के गवाह रहे एक नियंत्रक ने बताया कि उस समय जो हुआ वो किसी दुस्वप्न से कम नहीं था।
यहां तक की लैंडलाइन फोन भी काम नहीं कर रहे थे। हमने जैसे तैसे नागपुर और वाराणसी एटीसी से संपर्क कर आसमान में उड़ रहे जहाजों के पायलटों से संपर्क कर उन्हें इस बारे में जानकारी देने का निवेदन किया।
प्लेन की जानकारी देने वाली स्क्रीन हो गई थी ब्लैंक
उन्होंने बताया यह सब सिलसिला गुरुवार सुबह 7.35 से तब शुरू हुआ, जब कोलकाता एटीसी के क्षेत्र से जुड़े जहाजों की जानकारी देने वाली स्क्रीन अचानक ब्लैंक हो गई। आसमान में उड़ते जहाजों की जानकारी देने वाले छह रडार और उनसे जुड़े छह उपकरणों ने अचानक काम करना बंद कर दिया।
केवल कोलकाता एयरपोर्ट, बाधु, नार्थ 24 परगना और उड़ीसा के बहरामपुर में लगे रडार ही काम कर रहे थे। बता दें कि एटीसी से संपर्क टूटने के कारण हवा में उड़ रहे जहाजों के आपस में टकराने की आशंका भी बनी रहती है। जिससे भारी आर्थिक और जानमाल का नुकसान हो सकता था।
वहीं मामले की गंभीरता को देख इमरजेंसी प्रोटोकॉल के तहत एटीसी पर कार्यरत कंट्रोलरों ने हाई फ्रिक्वेंसी (VHH) क्षमता वाले दूरसंचार उपकरणों का प्रयोग कर विमानों के पायलटों को जानकारी देने का प्रयास किया लेकिन वह भी काम नहीं कर रहे थे।
इसकी जानकारी मिलते ही कंट्रोलरों के हाथ पांव फूल गए। उन्होंने जैसे तैसे नजदीकी एटीसी से संपर्क कर जहाजों के पायलटों को यह संदेश देने का निवेदन किया। वहीं एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के महानिदेशक ने बताया कि वह इस मामले की जांच कराएंगे।