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हज सब्सिडीः जानिए, हज यात्रा से जुड़ी 10 बड़ी बातें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 23 Jan 2018 12:24 AM IST
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केंद्र सरकार ने मंगलवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए हज यात्रा के लिए दी जाने वाली सब्सिडी पूरी तरह खत्म कर दी है। अब इस साल हज यात्रा पर जाने वाले 1.75 लाख यात्रियों को मिलने वाली सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पाएगा। जानिए हज यात्रा से जुड़ी 10 बड़ी बातें...
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- सऊदी अरब में स्थित मक्का इस्लाम का पवित्र शहर है। यहां हर साल 40 लाख हजयात्री पहुंचते हैं।
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- सरकार ने हाजियों की दो कैटिगरी (ग्रीन और अजीजिया) निर्धारित कर रखी हैं। इस बार सरकार ने ग्रीन कैटेगरी के लिए अधिकतम 2,39,600 रुपये तय किए, वहीं अजीजिया कैटेगरी के लिए ये रकम 2,06,200 रुपये थी। वहीं एयर-फेयर की वजह से हर राज्य का खर्च अलग-अलग होता है। खाने-पीने पर हाजियों को खुद ही खर्च करना पड़ता है।
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- हाजियों को सऊदी अरब तक आने-जाने के लिए हवाई यात्रा खर्च 55 से 60 हजार रुपये आता है इसमें से सिर्फ 12 हजार रुपये हज जाने वाले को देने होते हैं बाकी रकम सरकार सब्सिडी के रूप में भुगतान करती है।
- सऊदी अरब ने हर देश का एक कोटा तय कर रखा है कि जो हर साल अपने यहां से कितने हाजी भेज सकते हैं। सबसे बड़े मुस्लिम देश इंडोनेशिया को सबसे ज्यादा 2,20,000 हाजियों का कोटा दिया गया है। इसके बाद पाकिस्तान (11 फीसदी), भारत (11फीसदी) और बांग्लादेश (8 फीसदी) की बारी आती है।
- मुस्लिम लोगों में यह मान्यता है कि अपने जीवनकाल में हर शख्स को एक बार हज के लिए मक्का जरूर जाना चाहिए।
- इस्लामी परंपरा के अनुसार मक्का की शुरुआत इश्माइल वंश ने की थी।
- सऊदी अरब में स्थित मक्का में पहुंचकर मुस्लमान लोग वहां पर मौजूद विशाल मस्जिद अल हरम और पवित्र इमारत काबा के दर्शन करते हैं।
- हज यात्रा पर मक्का जाने के लिए केवल इस्लाम धर्म को मानने वालों को ही इजाजत दी जाती है।
- हज 13 दिनों तक चलता है लेकिन ज्यादातर भीड़ के चलते मक्का में दो दिन से ज्यादा लोग नहीं रुक पाते हैं।
- हज शहर में रहने वाली आबादी का ज्यादातर हिस्सा साल के 12 महीनों हज कारोबार में ही लगा रहता है।