जानिए, अबु धाबी के प्रिंस जायद के बारे में, जिनकी शादी थी दुनिया में सबसे महंगी
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अबु धाबी के राजकुमार शेख़ मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नहयान इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि हैं। यह फरवरी 2016 के बाद से राजकुमार का दूसरा भारत दौरा है।
वे नौ बच्चों के पिता हैं और उनकी शादी सलामा बिंत हमदान से 1981 में हुई थी। लेकिन उनकी इस शादी के बारे में जो सबसे ख़ास बात है वो यह है कि यह शादी इतिहास में अब तक की सबसे महंगी शादी के रूप में दर्ज है। सात दिनों तक चले इस शादी समारोह में कथित तौर पर लगभग सात अरब रुपये खर्च हुए थे।
गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में यह दुनिया की सबसे महंगी शादी के रूप में दर्ज है। पाकिस्तानी अख़बार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक़ राजकुमार के पिता ने शादी के दौरान "कपड़े का स्टेडियम बनाने का ऑर्डर दिया था जिसमें बीस हज़ार मेहमानों को ठहराया जा सकें।"
इस रिपोर्ट के मुताबिक़ "राजकुमार ने घोड़े की पीठ पर बैठकर अपने सम्राज्य का दौरा किया था और शाही परंपरा के मुताबिक़ अपने साम्राज्य की जनता को उपहार दान में दिए थे, और इसके अलावा तोहफ़े के तौर पर दुल्हन को मिलने वाला गहना बीस ऊंटों पर लादकर लाया गया था।"
यूएई की सेना के डिप्टी सुप्रीम कमांडर भी हैं प्रिंस जायेद
अबु धाबी के राजकुमार होने के अलावा शेख़ मोहम्मद संयुक्त अरब अमीरात की फ़ौज के डिप्टी सुप्रीम कमांडर भी हैं। फ़ौज की बागडोर उनके सौतेले भाई शेख़ ख़लीफ़ा बिन जायेद अल नहयान के हाथों में है।
शेख़ मोहम्मद संयुक्त अरब अमीरात के संस्थापक राष्ट्रपति शेख़ जायेद बिन सुल्तान अल नहयान के तीसरे बेटे हैं। साल 2004 में पिता की मृत्यु के बाद उन्हें अबु धाबी का राजकुमार बनाया गया। इसके बाद उन्हें फ़ौज का डिप्टी सुप्रीम कमांडर भी बनाया गया। अबु धाबी संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया था, वे पिछले तीस सालों में अबु धाबी जाने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं। इस मौके पर अबु धाबी में पहला हिंदू मंदिर बनाने के लिए ज़मीन देने की घोषणा की गई। दुबई में पहले से ही दो हिंदू मंदिर हैं।