फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Kisan agitation: eyes set on tenth round of talks on 19 January

किसान आंदोलनः  19 जनवरी को दसवें दौर की बातचीत पर टिकी नजरें

Sat, 16 Jan 2021 03:53 PM IST
सुरेंद्र जोशी शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 16 Jan 2021 03:53 PM IST
सार

  • वार्ता किसी निर्णायक मोड़ पर नहीं पहुंची, फिर होगी बात-तोमर
  • सरकार बातचीत का होमवर्क करके क्यों नहीं आती, हमारी मांग तो साफ है-किसान संगठन
  • सुप्रीम कोर्ट देश की सर्वोच्च संस्था, हम सबकी प्रतिबद्धता, कमेटी के सामने रखेंगे पक्ष-सरकार 

विज्ञापन
Kisan agitation: eyes set on tenth round of talks on 19 January
kisan andolan - फोटो : amar ujala

विस्तार

केन्द्र सरकार और किसान संगठनों की शुक्रवार को हुई बातचीत को लेकर केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर का कहना है कि यह सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, लेकिन किसी निर्णायक मोड़ पर नहीं पहुंच सकी। अब 19 जनवरी को दिन में 12 बजे फिर चर्चा होगी। वहीं किसान संगठनों के नेताओं का कहना है कि सरकार बिना होमवर्क केवल बातचीत का कोरम पूरा करने आई थी। किसानों से बातचीत को लेकर 14 जनवरी को कृषि मंत्रालय और सरकारी अधिकारियों में भी असमंजस की स्थिति बरकरार थी। ऐसे में 15 जनवरी की वार्ता का कोई नतीजा निकलने का आसार कम ही था। अब सबकी नजरें मंगलवार को दसवें दौर की बातचीत पर टिकी हैं।
विज्ञापन


पत्रकारों से बातचीत के दौरान कृषि मंत्री ने सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया। किसान संगठन जहां उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित समिति के सामने जाने से इनकार कर रहे हैं, वहीं कृषि मंत्री ने साफ कहा कि समिति बुलाएगी तो सरकार पक्ष रखने जाएगी। तोमर ने कहा कि उच्चतम न्यायालय देश की सर्वोच्च संस्था है। उसका सम्मान करना हमारी प्रतिबद्धता है और जब उच्चतम न्यायालय द्वारा किसानों के मुद्दे पर गठित समिति बुलाएगी तो केन्द्र सरकार उसके सामने पेश होगी। 
विज्ञापन


बातचीत करते रहने और टालते रहने का इरादा 
कृषि मंत्री के इस बयान के किसान नेता दो अर्थ निकाल रहे हैं। किसान नेता पुष्पेन्द्र सिंह का कहना है कि केन्द्र सरकार का इरादा इसके बहाने बातचीत करते रहने और टालते रहने का है।
विज्ञापन
विज्ञापन


समिति के पास नहीं जाएंगे-किसान नेता
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान सरकार से ही बात करेंगे। उनकी बस दो मांग है। सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी दे और तीनों कानूनों को रद्द करे। टिकैत ने साफ कहा कि वह उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित समिति के पास बुलाने पर नहीं जाएंगे। टिकैत का कहना है कि सरकार एमएसपी पर खरीद की गारंटी से भाग रही है और एमएसपी ही हमारी प्राथमिकता में है। बैठक से बाहर निकले एक अन्य नेता ने कहा कि सरकार पूरी तैयारी करके नहीं आई थी। वह केवल बातचीत जारी रखने का संदेश देने और कोरम पूरा करने आई थी। किसान नेता हन्नान मुल्ला ने कहा कि बातचीत के बाद कुछ नहीं हुआ। मुल्ला ने कहा कि सरकार को एमएसपी पर गारंटी और तीनों कानूनों को वापस लेने की घोषणा करनी चाहिए।


राहुल गांधी पर भी बरसे तोमर
तोमर ने कहा कि कृषि सुधार का वादा कांग्रेस ने किया था। राहुल गांधी को चाहिए कि वह पहले अपनी पार्टी का 2019 का घोषणा पत्र देख लें। कृषि मंत्री ने कहा कि राहुल और सोनिया गांधी दोनों को प्रेस के सामने आकर बताना चाहिए कि या तो राहुल गांधी झूठ बोल रहे हैं या उनकी पार्टी। तोमर ने राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के प्रयास और उनके बयान का उनकी कांग्रेस पार्टी के नेता ही मजाक उड़ाते हैं। पूरी कांग्रेस राहुल गांधी पर हंसती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed