दक्षिण चीन सागर विवाद: एप्पल और केएफसी का विरोध कर रहे हैं लोग
फिलीपींस के साथ दक्षिण चीन सागर विवाद के बाद चीन में केएफसी और एप्पल को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। चीन के राष्ट्रवादियों ने केएफसी आउलेट्स के खिलाफ विरोध के सुर बुलंद किए हैं और उनका बहिष्कार करने का ऐलान किया है।
राष्ट्रवादी लोग केएफसी के आउटलेट के सामने विरोध कर रहे हैं और अन्य लोगों से भी केएफसी का बहिष्कार करने की अपील कर रहे हैं। चीन की सरकार ने वाशिंगटन पर आरोप लगाया है कि उसी से प्रेरित होकर फिलिपीन्स की राजधानी मनीला ने समुद्र के एक हिस्से पर चीन के कब्जे का विरोध किया है। सरकार के इसी आरोप के चलते लोग केएफसी का विरोध कर रहे हैं।
एक ऑनलाइन शो में कुछ ऐसी तस्वीरें दिखाई गई हैं, जिनमें कुछ युवा चीनी लोग स्कार्फ पहने हुए राष्ट्रवादी नारे लगा रहे हैं और एप्पल के आईफोन तोड़ते हुए विरोध जता रहे हैं।
ग्लोबल ब्रांड्स के भविष्य को खतरा
एक रिसर्च फर्म चाइना मार्केट रिसर्च ग्रुप के जेम्स रॉय कहते हैं कि चीनी जनता बहुत ही राष्ट्रवादी है, खासकर वो लोग जो युवा हैं। वे बोले कि केएफसी और एप्पल यूनाइटेड स्टेट्स से जुड़े हुए हैं, जिसके चलते लोग इनका विरोध कर रहे हैं।
चीन में हो रहे इन विरोध प्रदर्शनों से चीन में ग्लोबल ब्रांड्स के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। चीन में लगातार ऐसे बड़े ब्रांड्स को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। अक्सर इसमें मीडिया का भी बहुत बड़ा योगदान रहता है।
2012 में जापानी ऑटो की बिक्री में आई गिरावट इसका अच्छा उदाहरण है। उस समय टोक्यो और बीजिंग के बीच में पूर्वी चीन सागर के आईलैंड्स को लेकर तनाव चल रहा था।