{"_id":"6adede540e5335eed30772f3","slug":"keralam-government-bill-regulate-private-hospital-charges-health-minister-2026-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"केरलम: निजी अस्पतालों की मनमानी पर लगेगी लगाम, दवाओं से लेकर कई चीजों की कीमतों पर नियंत्रण; सरकार लाएगी बिल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
केरलम: निजी अस्पतालों की मनमानी पर लगेगी लगाम, दवाओं से लेकर कई चीजों की कीमतों पर नियंत्रण; सरकार लाएगी बिल
Mon, 26 Oct 2026 10:30 AM IST
देवेश त्रिपाठी
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Mon, 26 Oct 2026 10:30 AM IST
सार
केरलम सरकार निजी अस्पतालों में इलाज से जुड़े खर्चों पर नियंत्रण के लिए नया विधेयक लाने की तैयारी कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा में बताया कि अस्पतालों के कमरे का किराया और दवाओं की कीमतें बढ़ने से बीमा कंपनियों के सामने भी मुश्किलें पैदा हो रही हैं। प्रस्तावित विधेयक अगले विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा।
विज्ञापन
अगले सत्र में पेश होगा विधेयक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
केरलम सरकार निजी अस्पतालों की ओर से वसूले जाने वाले शुल्क को नियंत्रित करने के लिए राज्य विधानसभा के अगले सत्र में विधेयक पेश करेगी। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने सोमवार को विधानसभा में यह जानकारी दी।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मंत्री ने कहा कि सरकार निजी अस्पतालों के शुल्क नियंत्रित करने की जरूरत से सैद्धांतिक रूप से सहमत है। उन्होंने बताया कि इनमें से कई अस्पतालों का प्रबंधन अब विदेशी कंपनियों के हाथों में है।
मंत्री ने कहा कि अस्पतालों में कमरों का किराया और दवाओं की कीमतें पर्याप्त नियंत्रण के बिना बढ़ाई जा रही हैं। इस स्थिति के कारण कुछ बीमा कंपनियां भी बीमा कवर देने से हिचकिचाने लगी हैं। उन्होंने कहा, "इसे नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार विधेयक लाने की तैयारी कर रही है। इसे मौजूदा सत्र में पेश नहीं किया जाएगा, लेकिन अगले सत्र में निश्चित रूप से पेश किया जाएगा।"
विज्ञापन
केरलम में आयुर्वेद संस्थान के लिए जगह तलाश रही सरकार
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि केंद्रीय आयुष मंत्री के समक्ष मांग रखे जाने के बाद केरलम में आयुर्वेद संस्थान के लिए उपयुक्त स्थान की पहचान करने को एक टीम गठित की गई है। इस टीम में विभाग के प्रधान सचिव भी शामिल हैं। मुरलीधरन के अनुसार, टीम दिल्ली का दौरा कर चुकी है और विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है।
बिना लाइसेंस चलने वाले स्पा पर होगी कार्रवाई
बिना लाइसेंस के चल रहे स्पा से जुड़े सवाल पर मंत्री ने कहा कि मौजूदा कानून ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाते हैं। स्वास्थ्य विभाग को सभी स्पा का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य निरीक्षक जांच कर रहे हैं। नियमों का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
औषधि में कथित ब्यूटी ट्रीटमेंट की भी हुई जांच
राज्य के स्वामित्व वाली आयुर्वेदिक दवा निर्माता संस्था औषधि में कथित ब्यूटी ट्रीटमेंट से जुड़े सवाल पर भी स्वास्थ्य मंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि मीडिया में खबर आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर मामले की जांच कराई गई थी।
विधानसभा में पूछे गए और क्या सवाल?
विधानसभा में पूछे गए सवाल में अंडे, गुड़हल की कलियों और खट्टे फलों के रस से जुड़े कथित उपचार का जिक्र किया गया था। इसे औषधि के पूर्व अध्यक्ष से संबंधित बताया गया था। साथ ही पूछा गया था कि क्या इस उपचार का पेटेंट कराया गया था या संस्था ने इसे आधिकारिक मंजूरी दी थी। सवाल में यह भी पूछा गया था कि उपचार पर हुए खर्च की वसूली पूर्व अध्यक्ष से की जाएगी या नहीं।
मुरलीधरन ने कहा कि समिति की रिपोर्ट में दर्ज है कि सवाल में बताए गए प्रकार का उपचार किया गया था। रिपोर्ट उन्हें सौंप दी गई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आगे कार्रवाई की जा सकती है।
विज्ञापन
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मंत्री ने कहा कि सरकार निजी अस्पतालों के शुल्क नियंत्रित करने की जरूरत से सैद्धांतिक रूप से सहमत है। उन्होंने बताया कि इनमें से कई अस्पतालों का प्रबंधन अब विदेशी कंपनियों के हाथों में है।
विज्ञापन
मंत्री ने कहा कि अस्पतालों में कमरों का किराया और दवाओं की कीमतें पर्याप्त नियंत्रण के बिना बढ़ाई जा रही हैं। इस स्थिति के कारण कुछ बीमा कंपनियां भी बीमा कवर देने से हिचकिचाने लगी हैं। उन्होंने कहा, "इसे नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार विधेयक लाने की तैयारी कर रही है। इसे मौजूदा सत्र में पेश नहीं किया जाएगा, लेकिन अगले सत्र में निश्चित रूप से पेश किया जाएगा।"
विज्ञापन
केरलम में आयुर्वेद संस्थान के लिए जगह तलाश रही सरकार
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि केंद्रीय आयुष मंत्री के समक्ष मांग रखे जाने के बाद केरलम में आयुर्वेद संस्थान के लिए उपयुक्त स्थान की पहचान करने को एक टीम गठित की गई है। इस टीम में विभाग के प्रधान सचिव भी शामिल हैं। मुरलीधरन के अनुसार, टीम दिल्ली का दौरा कर चुकी है और विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है।
बिना लाइसेंस चलने वाले स्पा पर होगी कार्रवाई
बिना लाइसेंस के चल रहे स्पा से जुड़े सवाल पर मंत्री ने कहा कि मौजूदा कानून ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाते हैं। स्वास्थ्य विभाग को सभी स्पा का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य निरीक्षक जांच कर रहे हैं। नियमों का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
औषधि में कथित ब्यूटी ट्रीटमेंट की भी हुई जांच
राज्य के स्वामित्व वाली आयुर्वेदिक दवा निर्माता संस्था औषधि में कथित ब्यूटी ट्रीटमेंट से जुड़े सवाल पर भी स्वास्थ्य मंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि मीडिया में खबर आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर मामले की जांच कराई गई थी।
विधानसभा में पूछे गए और क्या सवाल?
विधानसभा में पूछे गए सवाल में अंडे, गुड़हल की कलियों और खट्टे फलों के रस से जुड़े कथित उपचार का जिक्र किया गया था। इसे औषधि के पूर्व अध्यक्ष से संबंधित बताया गया था। साथ ही पूछा गया था कि क्या इस उपचार का पेटेंट कराया गया था या संस्था ने इसे आधिकारिक मंजूरी दी थी। सवाल में यह भी पूछा गया था कि उपचार पर हुए खर्च की वसूली पूर्व अध्यक्ष से की जाएगी या नहीं।
मुरलीधरन ने कहा कि समिति की रिपोर्ट में दर्ज है कि सवाल में बताए गए प्रकार का उपचार किया गया था। रिपोर्ट उन्हें सौंप दी गई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आगे कार्रवाई की जा सकती है।