{"_id":"59298b764f1c1b6403537ec8","slug":"kerala-sfi-protests-against-cattle-slaughter-ban-by-eating-beef","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्र द्वारा दुधारू पशुओं को हत्या करने पर बैनः केरल में छात्रों ने बीफ खाकर जताया विरोध","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
केंद्र द्वारा दुधारू पशुओं को हत्या करने पर बैनः केरल में छात्रों ने बीफ खाकर जताया विरोध
amarujala.com, Presented By: अनंत पालीवाल
Updated Sat, 27 May 2017 08:13 PM IST
विज्ञापन
बीफ केरल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र सरकार द्वारा दुधारू पशुओं को खरीदकर उनकी हत्या करने पर बैन लगाने को लेकर देश के कई भागों में इसके विरोध शुरू हो गया है। सबसे पहले केरल में छात्र संगठन स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया से जुड़े छात्रों ने राजधानी तिरुवंतपुरम के यूनिवर्सिटी कालेज के बाहर बीफ बनाकर और खाकर केंद्र सरकार के इस फैसले पर अपना विरोध दर्ज किया।
राज्य के मुख्यमंत्री पी विजयन ने सबसे पहले केंद्र के इस फैसले का विरोध दर्ज किया। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि सरकार ने अपने इस फैसले में भैंसों को भी शामिल किया है, जो कि पूरी तरह से गलत है। इससे किसानों पर बोझ पड़ेगा, क्योंकि वो बूढ़े भैंसों के बदले नये भैंसों के बच्चे को एक्सचेंज करते हैं।
सरकार ने मारने के लिए पशु बाजारों में गोवंश की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे निर्यात एवं मांस तथा चमड़ा कारोबार के प्रभावित होने की संभावना है। गोवंश के अलावा भैंस और ऊंट के मामले में भी यह पाबंदी लागू होगी। सरकार ने जीवों से जुड़ी क्रूर परंपराओं पर भी प्रतिबंध लगाया है, जिसमें उनके सींग रंगना तथा उन पर आभूषण या सजावट के सामान लगाना शामिल है।
विज्ञापन
पर्यावरण मंत्रालय ने पशु क्रूरता निरोधक अधिनियम के तहत सख्त ‘पशु क्रूरता निरोधक (पशुधन बाजार नियमन) नियम-2017 को अधिसूचित कर दिया है। अधिसूचना के मुताबिक पशु बाजार समिति के सदस्य सचिव को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी शख्स बाजार में अवयस्क गोवंश को बिक्री के लिए न लेकर आए।
‘किसी भी शख्स को पशु बाजार में गोवंश को लाने की इजाजत नहीं होगी जब तक कि वहां पहुंचने पर वह पशु के मालिक द्वारा हस्तलिखित घोषणा-पत्र न दे दे, जिसमें गोवंश के मालिक का नाम और पता हो और फोटो पहचान-पत्र की एक प्रति भी लगी हो।’
विज्ञापन
राज्य के मुख्यमंत्री पी विजयन ने सबसे पहले केंद्र के इस फैसले का विरोध दर्ज किया। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि सरकार ने अपने इस फैसले में भैंसों को भी शामिल किया है, जो कि पूरी तरह से गलत है। इससे किसानों पर बोझ पड़ेगा, क्योंकि वो बूढ़े भैंसों के बदले नये भैंसों के बच्चे को एक्सचेंज करते हैं।
विज्ञापन
सरकार ने मारने के लिए पशु बाजारों में गोवंश की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे निर्यात एवं मांस तथा चमड़ा कारोबार के प्रभावित होने की संभावना है। गोवंश के अलावा भैंस और ऊंट के मामले में भी यह पाबंदी लागू होगी। सरकार ने जीवों से जुड़ी क्रूर परंपराओं पर भी प्रतिबंध लगाया है, जिसमें उनके सींग रंगना तथा उन पर आभूषण या सजावट के सामान लगाना शामिल है।
विज्ञापन
पर्यावरण मंत्रालय ने पशु क्रूरता निरोधक अधिनियम के तहत सख्त ‘पशु क्रूरता निरोधक (पशुधन बाजार नियमन) नियम-2017 को अधिसूचित कर दिया है। अधिसूचना के मुताबिक पशु बाजार समिति के सदस्य सचिव को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी शख्स बाजार में अवयस्क गोवंश को बिक्री के लिए न लेकर आए।
‘किसी भी शख्स को पशु बाजार में गोवंश को लाने की इजाजत नहीं होगी जब तक कि वहां पहुंचने पर वह पशु के मालिक द्वारा हस्तलिखित घोषणा-पत्र न दे दे, जिसमें गोवंश के मालिक का नाम और पता हो और फोटो पहचान-पत्र की एक प्रति भी लगी हो।’