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केरल निकाय चुनाव परिणाम विश्लेषण: तिरुवनंतपुरम में पहली बार खिला कमल, यूडीएफ को हुआ फायदा; एलडीएफ को लगा झटका

Sat, 13 Dec 2025 09:24 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: शिवम गर्ग Updated Sat, 13 Dec 2025 09:24 PM IST
सार

Kerala Local Body Polls Analysis: केरल के स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस नीत यूडीएफ ने शानदार प्रदर्शन किया है, जबकि एलडीएफ को बड़ा झटका लगा। तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर भाजपा-एनडीए ने कब्जा जमाया। यहां पढ़िए पूरा विश्लेषण...

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Kerala Local Body Polls Analysis: BJP Wins Thiruvananthapuram for First Time, UDF Gains, LDF Suffers Setback
Kerala local body Poll - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

केरल के स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा संदेश दिया है। कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने शानदार जीत दर्ज करते हुए मनोबल बढ़ाया है, वहीं सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को करारा झटका लगा है। सबसे अहम बात यह रही कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले एनडीए ने राजधानी तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर कब्जा जमाकर 45 साल पुराने वाम किले में सेंध लगा दी।
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2026 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी संकेत
स्थानीय निकाय चुनावों को 2026 के विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल माना जा रहा है। ऐसे में यूडीएफ की यह जीत उसके लिए बड़ा संबल मानी जा रही है। चुनाव नतीजों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुवनंतपुरम में एनडीए की जीत को केरल की राजनीति का टर्निंग प्वाइंट करार दिया।
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तिरुवनंतपुरम में बदला सियासी नक्शा
भाजपा ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में 50 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरते हुए सीपीआई (एम) के दशकों पुराने वर्चस्व को खत्म कर दिया। इस जीत के साथ केरल में भाजपा के पहले मेयर बनने की संभावना भी प्रबल हो गई है। राज्य की पहली महिला आईपीएस अधिकारी रह चुकीं 64 वर्षीय आर. श्रीलेखा का नाम मेयर पद के लिए चर्चा में है।
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ये भी पढ़ें:-  केरल निकाय चुनाव: अपने गढ़ में कांग्रेस की हार पर शशि थरूर ने भाजपा को दी बधाई; क्या बदल रही है सियासी
 

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने निर्णायक नतीजों के लिए राज्य के लोगों का आभार जताया। साथ ही कहा कि इस पता चलता है कि वामपंथियों का गढ़ ढहने लगा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि नतीजे यूडीएफ के प्रति बढ़ते भरोसे को दिखाते हैं, और आगामी विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत की ओर इशारा करते हैं। वाममोर्चा केवल कोझिकोड नगर निगम को बचाने में सफल रहा जबकि राज्यभर की जिला और ग्राम पंचायतों में इसकी सीटों में भारी गिरावट आई है। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि अपेक्षित नतीजे नहीं मिले। साथ ही कारणों पर विस्तार से मंथन की बात कही।

‘लोकतंत्र की खूबसूरती’: शशि थरूर
तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर की टिप्पणी भी चर्चा में रही। उन्होंने कहा कि उन्होंने 45 साल की एलडीएफ सरकार से बदलाव के लिए प्रचार किया था, लेकिन मतदाताओं ने उनके संसदीय क्षेत्र में बदलाव के लिए भाजपा को चुना। थरूर ने कहा, “यही लोकतंत्र की खूबसूरती है। जनता का फैसला, चाहे यूडीएफ के पक्ष में हो या मेरे क्षेत्र में भाजपा के लिए, स्वीकार किया जाना चाहिए।”



विकास की राजनीति चुन रहे केरल के लोग : पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में एनडीए की जीत को ऐतिहासिक बताया और कहा कि दशकों पुराने वामपंथी गढ़ का ढहना राज्य की राजनीति में एक बड़े बदलाव को दर्शाता है। वहीं, अन्य निकायों में भाजपा गठबंधन के प्रदर्शन में सुधार को उन्होंने लोगों के पारंपरिक राजनीति से हटकर विकास की राजनीति चुनने का संकेत बताया। उन्होंने भाजपा पर भरोसा जताने के लिए राज्य के लोगों का आभार जताया। प्रधानमंत्री ने कहा, यह परिणाम भ्रष्टाचार के खिलाफ और सुशासन के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है।

यूडीएफ का व्यापक प्रभाव
इस चुनाव में यूडीएफ ने राज्यभर में नगर निगमों, नगरपालिकाओं, ब्लॉक पंचायतों और ग्राम पंचायतों में बढ़त हासिल की। यूडीएफ ने 6 में से 4 नगर निगमों और 87 में से 54 नगरपालिकाओं में जीत दर्ज की। तीन-स्तरीय पंचायत व्यवस्था में भी यूडीएफ ने मजबूत बढ़त बनाई है, जो 2020 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है।

एलडीएफ को हर स्तर पर नुकसान
एलडीएफ को चार नगर निगमों में सत्ता गंवानी पड़ी, जिनमें तिरुवनंतपुरम और कोल्लम जैसे मजबूत गढ़ शामिल हैं। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने नतीजों को उम्मीदों से कम बताते हुए आत्ममंथन और सुधारात्मक कदम उठाने की बात कही। सीपीआई (एम) के प्रदेश सचिव एम. वी. गोविंदन ने भी इसे पार्टी के लिए अप्रत्याशित झटका माना और रणनीति पर दोबारा विचार करने का संकेत दिया।

 कल्याण योजनाएं भी नहीं आईं काम
चुनाव से पहले घोषित पेंशन बढ़ोतरी, आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में इजाफा और महिला सुरक्षा योजनाएं भी एलडीएफ को खास फायदा नहीं दिला सकीं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार के खिलाफ जन असंतोष और “सांप्रदायिक राजनीति” ने एलडीएफ को नुकसान पहुंचाया।

भाजपा का दावा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि पार्टी को केरल में 20 फीसदी से ज्यादा वोट मिले हैं। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार, सबरीमला से जुड़े मुद्दों और सरकार की नाकामी के खिलाफ जनता का जवाब बताया। स्थानीय निकाय चुनावों के ये नतीजे साफ संकेत देते हैं कि केरल की राजनीति में बदलाव की हवा तेज हो रही है और आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सभी दलों के लिए यह बड़ा संदेश है।
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