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केरल सोना तस्करी मामला: आरोपी संदीप नायर ने रिहाई के बाद किया दावा, ईडी ने मुख्यमंत्री और अन्य का नाम लेने के लिए दबाव डाला

Sun, 10 Oct 2021 04:42 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम Published by: देव कश्यप Updated Sun, 10 Oct 2021 04:42 AM IST
सार

केरल सोना तस्करी मामले में आरोपी संदीप नायर ने रिहाई के बाद संवाददाताओं के सामने आरोप लगाया कि ईडी ने उसकी रिहाई सुनिश्चित करने के लिए माकपा के पूर्व सचिव कोडियरी बालकृष्णन के बेटे बिनीश कोडियेरी सहित कई लोगों का नाम लेने के लिए उन्हें मजबूर किया था ताकि मामले को राजनीतिक रंग दिया जा सके।

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Kerala Gold smuggling case Sandeep Nair released from jail claims ED forced him to name CM and others
स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

राजनयिक माध्यम का उपयोग कर सोना तस्करी मामले में आरोपी संदीप नायर को शनिवार को जेल से रिहा कर दिया गया। केरल उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उसके खिलाफ विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम (सीओएफईपीओएसए) के तहत दर्ज आरोपों को हटा दिया था। 

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रिहाई के बाद संदीप नायर ने ईडी पर लगाए गंभीर आरोप
रिहाई के बाद नायर ने दावा किया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उस पर सोना तस्करी मामले में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, पूर्व मंत्री केटी जलील और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पी श्रीरामकृष्णन का नाम लेने के लिए दबाव डाला था।
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इस पर सत्तारूढ़ सीपीआई(एम) का कहना है कि इससे यह पुष्टि होती है कि इस मामले में सरकार और वाम दल को निशाना बनाने की साजिश रची गई थी। नायर की वकील विजयम ने बताया कि विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम के तहत हिरासत अवधि पूरी होने के बाद शनिवार शाम को संदीप को पूजापुरा केंद्रीय जेल से रिहा कर दिया गया।
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नायर की वकील ने मीडिया को बताया कि 'संदपी नायर की विदेशी मुद्रा का संरक्षण और तस्करी गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम (COFEPOSA) के तहत हिरासत अवधि शनिवार को समाप्त हो गई। डॉलर तस्करी के मामले में भी नायर को छठा आरोपी बनाया गया था। उस मामले में, उसे चार अक्तूबर को जमानत दे दी गई थी। फिर एक अन्य मामले में पेशी वारंट था और उसे आज वापस ले लिया गया और वह अब जेल से बाहर है। 

अन्य आरोपियों के साथ पिछले साल जुलाई में गिरफ्तार किए गए नायर ने रिहाई के बाद संवाददाताओं के सामने आरोप लगाया कि ईडी ने उसकी रिहाई सुनिश्चित करने के लिए माकपा के पूर्व सचिव कोडियरी बालकृष्णन के बेटे बिनीश कोडियेरी सहित कई लोगों का नाम लेने के लिए उन्हें मजबूर किया था ताकि मामले को राजनीतिक रंग दिया जा सके।

बालकृष्णन ने कहा- यह एक गंभीर मामला, अदालत को इसकी जांच करनी चाहिए
इस बीच, बालकृष्णन ने एक अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया को बताया कि नायर के खुलासे गंभीर हैं और सीपीआई (एम) के रुख को साबित करता है कि मामले के पीछे वाम दल और सरकार को निशाना बनाने के लिए एक 'साजिश' रची गई थी। 

बालकृष्णन ने कहा कि 'यह एक गंभीर मामला है। यह पहले भी सामने आया था। अब जब उसने अपना आरोप दोहराया है, तो मामला अब गंभीर है। अदालत को इसकी जांच करनी चाहिए। इससे हमारा रुख साबित होता है कि सत्तारूढ़ वाम सरकार को निशाना बनाने की साजिश थी।'

नायर ने पहले भी जांच एजेंसी पर लगाया था आरोप
नायर ने इस साल मार्च में एर्नाकुलम सत्र अदालत को लिखित में कहा था कि मामले में जमानत हासिल करने के लिए जांच एजेंसी उन पर राज्य के राजनीतिक शीर्ष अधिकारियों का नाम लेने का दबाव डाल रही है।

सोने की तस्करी का यह मामला इस साल अप्रैल में राज्य विधानसभा चुनाव से पहले केरल में सत्तारूढ़ वाम मोर्चा सरकार पर हमला करने के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों द्वारा इस्तेमाल किया गया एक बड़ा राजनीतिक विवाद था।

क्या है केरल में सोने की तस्करी का मामला
सीमा शुल्क आयुक्तालय (निवारक), कोचीन ने पिछले साल पांच जुलाई को तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 14.82 करोड़ रुपये मूल्य के 24 कैरेट सोने के 30.245 किलोग्राम सोने की जब्ती से संबंधित मामला दर्ज किया था। यूएई के वाणिज्य दूतावास में सोने को राजनयिक सामान के रूप में छिपाया गया था, जिसे वियना सम्मेलन के अनुसार हवाई अड्डे पर चेकिंग से छूट है।


दावा किया गया था कि कार्गो के संबंध में स्वप्ना सुरेश ने एयरपोर्ट के अधिकारी से संपर्क साधा था। स्वप्ना सुरेश (जो पहले संयुक्त अरब अमीरात वाणिज्य दूतावास में काम करती थी) और उसके सहयोगी संदीप नायर को कुछ दिनों बाद इस मामले में एनआईए ने बंगलूरू से गिरफ्तार किया था। यूएई वाणिज्य दूतावास जनरल ऑफिस के उच्च कूटनीतिज्ञ राशिद खामिस अल शामली के कहने पर कथित तौर पर संपर्क किया गया था। यह सोना उस कार्गो में छिपाया गया था जिसमें बिस्किट, नूडल्स, बाथरूम का सामान रखा जाता था, लेकिन कस्टम को तस्करी को लेकर पहले से सूचना मिल चुकी थी। 

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