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Kerala: स्कूल में छात्रों के मोबाइल की तलाशी से पहुंचती है स्वाभिमान को ठेस, केरल बाल अधिकार पैनल ने उठाए सवाल
Sat, 07 Jan 2023 07:21 PM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 07 Jan 2023 07:21 PM IST
सार
पैनल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे स्कूलों में मोबाइल फोन ले जाने वाले छात्रों की जांच करना बंद करें क्योंकि यह उनके स्वाभिमान और गरिमा को ठेस पहुंचाता है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
ज्यादातर स्कूल प्रशासन के साफ निर्देश होते हैं कि स्कूल कैंपस में मोबाइल लाना सख्त मना है। लेकिन छात्र निर्देशों को दरकिनार कर स्कूल में मोबाइल लाते हैं, इसके लिए स्कूल प्रशासन मोबाइल तलाशने के लिए अभियान चलाता है कि किसके पास मोबाइल है। लेकिन मोबाइल तलाशने पर केरल बाल अधिकार पैनल ने सवाल उठाए हैं। पैनल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे स्कूलों में मोबाइल फोन ले जाने वाले छात्रों की जांच करना बंद करें क्योंकि यह उनके स्वाभिमान और गरिमा को ठेस पहुंचाता है।
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पैनल ने आदेश दिया कि कुछ विशेष जरूरतों के लिए माता-पिता की अनुमति से गैजेट को शिक्षण संस्थानों में ले जाया जा सकता है। पैनल ने कहा कि छात्रों के शरीर की तलाशी लेना और मोबाइल फोन के लिए उनके बैग की स्कैनिंग करना बर्बर और लोकतांत्रिक संस्कृति के खिलाफ है। यह बच्चों की गरिमा और स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने जैसा है। इसलिए इससे सख्ती से बचा जाना चाहिए।
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बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए केरल राज्य आयोग ने अपने हालिया आदेश में कहा कि यह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाल अधिकार कानूनों और संविधान द्वारा सुनिश्चित किए गए मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघन था। स्कूलों में मोबाइल फोन ले जाने वाले छात्रों के खिलाफ लगाए गए व्यापक प्रतिबंध की आलोचना करते हुए इसने कहा कि गैजेट आज के जीवन का एक अविभाज्य हिस्सा बन गए हैं और उन्हें इसके आदी होने से रोकने के लिए एक वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।
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बयान में कहा गया है कि वर्तमान में राज्य के स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है और आयोग का यह भी रुख है कि बच्चों को स्कूलों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। आदेश में कहा गया है कि हालांकि बच्चों को स्कूलों में मोबाइल फोन का उपयोग करने की अनुमति नहीं है, लेकिन वे कुछ विशेष जरूरतों के लिए माता-पिता की अनुमति से इसे ले जा सकते हैं। स्कूल के अधिकारियों को कक्षा के समय समाप्त होने तक फोन बंद रखने की व्यवस्था करनी चाहिए।
फोन के इस्तेमाल से नहीं बच सकते
अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि पैनल ने अधिकारियों को बच्चों को सोशल मीडिया साक्षर बनाने के लिए स्कूलों में एक कार्यक्रम लागू करने का भी निर्देश दिया। साथ ही कहा कि हम इन दिनों मोबाइल फोन के इस्तेमाल से नहीं बच सकते और मोबाइल फोन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना सेलुलर फोन और सोशल मीडिया के दुरुपयोग और इसके बाद की समस्याओं का समाधान नहीं है।