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'राहुल गांधी ने फोन नहीं किया तो उदास हो गए केजरीवाल'
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 10 Aug 2018 09:35 AM IST
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राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)।
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दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन ने आम आदमी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए गुरुवार को कहा कि राज्यसभा में अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए राहुल गांधी ने अरविंद केजरीवाल को फोन नहीं किया तो वे उदास हो गए।
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माकन ने कहा कि आज आम आदमी पार्टी उससे समर्थन न मांगे जाने पर नाराजगी दिखा रही है, लेकिन अगर 2013 में उन्होंने केजरीवाल का समर्थन नहीं किया होता तो वे आज इतिहास बन गए होते। उन्होंने केजरीवाल पर राजनीति में दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि राजनीति में 'इगो' से काम नहीं चलता। उन्होंने कहा कि केजरीवाल को अपनी गलतियों का एहसास करना चाहिए।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन ने कहा कि भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस ने बार-बार आम आदमी पार्टी और केजरीवाल को समर्थन दिया, जबकि बदले में उन्हें हमेशा धोखा मिला। जब-जब मौका आया केजरीवाल ने भाजपा का साथ दिया। उन्होंने कहा कि 2013 के चुनाव के बाद भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए ही कांग्रेस ने आप को समर्थन दिया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद केजरीवाल ने कांग्रेसी नेताओं पर ही केस करना शुरु कर दिया।
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माकन ने कहा कि वहीं साल 2014 में लोकसभा चुनाव का मौका आया तो आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारे जिससे भाजपा की राह आसान हो गई और वह दिल्ली की सातों सीट जीतने में कामयाब हो गई। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्व जब मुख्य न्यायाधीश के ऊपर महाभियोग चलाने का मुद्दा सामने आया तो केजरीवाल भाजपा की गोद में जाकर बैठ गए और उसका साथ दिया।
राज्यसभा के उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव में क्या हुआ
गुरुवार को राज्यसभा के उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ। एनडीए की तरफ से जेडी(यू) नेता हरिवंश नारायण सिंह को उम्मीदवार बनाया गया था। एनडीए अपने उम्मीदवार की जीत के लिए अनेक दलों को संपर्क कर रही थी। वहीं राज्यसभा में तीन सदस्यों के साथ आम आदमी पार्टी को उम्मीद थी कि कांग्रेस अपने उम्मीदवार बीके हरिप्रसाद की जीत सुनिश्चित करने के लिए उससे संपर्क अवश्य करेगी।
फिलहाल, अपने सियासी समीकरणों को ध्यान रखते हुए कांग्रेस ने आप को फोन नहीं किया जिससे आप नेता नाराज हो गए। पार्टी सांसद संजय सिंह ने तो यहां तक कह दिया कि विपक्षी एकता में कांग्रेस सबसे बड़ा रोड़ा है। चुनाव में एनडीए उम्मीदवार हरिवंश नारायण सिंह को 125 वोट मिले और वह राज्यसभा के उपसभापति बन गए। जबकि विपक्ष के उम्मीदवार बीके हरिप्रसाद को महज 105 वोट मिले।