राज्यसभा में गर्माया भगत सिंह को 'आतंकवादी' बताने का मामला
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राज्यसभा में गुरुवार को भी शहीद भगत सिंह का मुद्दा गर्माया रहा। जदयू नेता केसी त्यागी ने भगत सिंह को 'आतंकवादी' के रूप में पेश किए जाने के मुद्दे पर राज्यसभा में बोलते हुए इसमें सशोधन कराने की मांग की।
त्यागी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) में बढ़ाए जाने वाली एक पुस्तक में भगत सिंह को आतंकवादी बताए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसमें 'जरूरी बदलाव होना चाहिए।' उन्होंने सरकार से कहा इस इस मामले को गंभीरता से लिए जाने की जरूरत है। उस पुस्तक की जांच की जानी चाहिए जिसमें भगत सिंह को आतंकवादी के रूप में पेश किया गया है।
त्यागी के इस मांग पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित मंत्री और मंत्रालय को उचित कदम उठाने के लिए निर्देश दिए जाएंगे।
क्या है पूरा मामला
दरअसल बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में शून्य काल के दौरान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह को 'आतंकवादी' के बताए जाने का मुद्दा उठाया था। इसके लिए उन्होंने डीयू में पढ़ाई जाने वाली एक पुस्तक हवाला दिया था।
इस मामले के सामने आने के बाद भगत सिंह के परिवार ने शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी को खत लिखकर इस मामले पर उचित ध्यान देने को कहा था। इसके अलावा उन्होंने डीयू के उप-कुलपति योगेश त्यागी से भी मिलने का समय मांगा था, जिसके बाद त्यागी ने इस मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया था।
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद किताब के लेखकों मृदुला मुखर्जी, आदित्य मुखर्जी और सुचेता महाजा ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'शहीद भगत सिंह के प्रति बिपिन चंद्रा के नजरियों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।' उन्होंने कहा, 'ऐसे विद्वान को निशाने पर लेना जो इस दुनिया में है ही नहीं उसकी निंदा होनी चाहिए। भगत सिंह को चर्चित करने में उनके लेखन का बहुत योगदान रहा है।'