करतारपुर कॉरिडोर: पाकिस्तान ने सिखों को वीजा मुक्त प्रवेश के लिए भारत को भेजा प्रस्ताव
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पाकिस्तान ने करतारपुर गलियारे से सिख तीर्थयात्रियों को वीजा मुक्त यात्रा की सुविधा देने के संबंध में भारत को सिफारिशें भेजी हैं। एक पाकिस्तानी समाचार चैनल ने पाकिस्तान के राजनयिक अधिकारियों के हवाले से शनिवार को खबर दी कि इस्लामाबाद ने 59 पन्नों का दस्तावेज नयी दिल्ली को भेजा है जिसमें 14 अहम सिफारिशें हैं।
इन सिफारिशों में भारतीय तीर्थयात्रियों को वीजा मुक्त प्रवेश देने और सीमा की दोनों ओर सुविधा केंद्र तथा सुरक्षा जांच चौकियां स्थापित करना शामिल हैं। इन सिफारिशों में कहा गया है कि कम से कम 15 तीर्थयात्रियों पर आधारित जत्थे को इजाजत दी जाएगी और पाकिस्तान उन्हें विशेष परमिट जारी करेगा।
सिफारिशों के मुताबिक, दोनों देश तीर्थयात्रियों के रिकॉर्ड बनाएंगे जिनमें उनके नाम, यात्रा की सूचना तथा अन्य विवरण होंगे। भारत सरकार, पाकिस्तान को तीन दिन पहले तीर्थयात्रियों की एक फहरिस्त देगी तथा सभी तीर्थयात्रियों के लिए मानक भारतीय पासपोर्ट रखना अनिवार्य होगा।
सिफारिशों में यह भी कहा गया है कि सभी तीर्थयात्रियों को भारतीय प्राधिकारियों से सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना जरूरी होगा। पाकिस्तान एक दिन में 500 तीर्थयात्रियों को परमिट जारी करेगा और प्रवेश की अनुमति देने का अधिकार स्थानीय अधिकारियों के पास सुरक्षित होगा।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने 28 नवंबर को पाकिस्तान की तरफ करतारपुर गलियारे की बुनियाद रखी थी। यह करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारतीय पंजाब में स्थित डेरा बाबा नानक को जोड़ेगा।
उससे दो दिन पहले, भारत के उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भारत की तरफ गालियारे की नींव रखी थी।