येदियुरप्पा ने सीएम की कुर्सी संभालते ही किया 4 आईपीएस का तबादला, कुमारस्वामी ने बताया हास्यास्पद
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद बीएस येदियुरप्पा एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। राज्य सरकार ने चार आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इसके साथ ही कर्नाटक के खुफिया प्रमुख को भी बदल दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमर पांडे नए एडीजीपी (खुफिया) के प्रमुख होंगे।
बता दें कि विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद किसी भी पार्टी को बहुमत न मिलने के बाद राज्य में राजनीतिक उठापटक थमने का नाम नहीं ले रही। हालांकि बहुमत के जादुई आंकड़े का दावा पेश कर येदियुरप्पा को राज्य के गवर्नर वजुभाई वाला द्वारा सरकार बनाने का न्योता मिलने के बाद गुरुवार को उन्हें सुबह मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलवा दी गई।
राज्य सरकार के इस फैसले पर जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि 'मुझे हैरानी है कि येदियुरप्पा किस तरह का बर्ताव कर रहे हैं। शपथ लेने के तुरंत बाद उन्होंने चार आईपीएस अधिकारियों को ट्रांसफर कर दिया। उनका यह कदम पूरी तरह से हास्यास्पद है। मैं बता दूं कि हमारे सभी 38 विधायक मेरे साथ हैं और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी है।'
It's our responsibility to give security to our MLAs. I'm really surprised to see how Yeddyurappa is behaving. After taking oath he has already transferred 4 IPS officers. BJP's movement is laughable. All 38 MLAs are with me: HD Kumaraswamy, JD(S) pic.twitter.com/l1FpOFJGKN
— ANI (@ANI) May 17, 2018
देर रात तक चली सुनवाई
इससे पहले कांग्रेस-जेडीएस की याचिका पर बुधवार देर रात तक विशेष सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगाने की मांग से इनकार कर दिया। कांग्रेस की अर्जी पर तीन घंटे से अधिक चली सुनवाई के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि राज्यपाल के फैसले पर रोक नहीं लगाई जा सकती है।
हालांकि, इस मामले पर शुक्रवार सुबह 10:30 बजे फिर तीन जजों की बेंच (जस्टिस भूषण, जस्टिस सीकरी और जस्टिस बोबडे) सुनवाई करेगी। जानकारी के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने भाजपा से विधायकों की लिस्ट भी मांगी है।
कोर्टरूम में आधी रात को चली सुनवाई के दौरान कांग्रेस नेता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में दलील रखी कि जब किसी दल के पास बहुमत नहीं है तो राज्यपाल ने भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने के लिए क्यों आमंत्रित किया है। बीजेपी के पास सिर्फ 104 विधायक हैं। यह पूरी तरह से असंवैधानिक है। सिंघवी कहा कि राज्यपाल ने बहुमत साबित करने के लिए पहली बार किसी दल को 15 दिन का वक्त दिया, जबकि येदियुरप्पा ने 7 दिन का समय मांगा था।
सिंघवी ने कहा कि हमारे पास 117, जबकि बीजेपी के पास केवल 104 विधायक हैं तो फिर वह बहुमत कैसे साबित करेगी? उन्होंने कहा कि जब किसी दल के पास बहुमत नहीं है तो राज्यपाल ने भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने के लिए क्यों आमंत्रित किया है। बीजेपी के पास सिर्फ 104 विधायक हैं। यह पूरी तरह से असंवैधानिक है। जब तक 8 विधायक उनके साथ नहीं जाते तब तक वह बहुमत कैसे साबित कर सकते हैं? इतने विधायकों का टूटना कानूनन मान्य नहीं है।