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कर्नाटक चुनाव: कांग्रेस के लिंगायत दांव पर भारी पड़ा मोदी मैजिक, बीजेपी को हुआ 65 सीटों का फायदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Updated Wed, 16 May 2018 10:08 AM IST
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कर्नाटक में कांग्रेस से करीब डेढ़ फीसदी वोट कम हासिल करने के बावजूद भाजपा राज्य में बहुमत हासिल करने के करीब पहुंच गई। येदियुरप्पा के रूप में स्थानीय लिंगायत चेहरा, पीएम मोदी मैजिक और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के बेहतर माइक्रो बूथ प्रबंधन की बदौलत भाजपा बीते चुनाव के मुकाबले 65 अधिक सीटें और करीब 17 फीसदी अतिरिक्त वोट हासिल कर पाई।
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हालांकि यह मत प्रतिशत बीते लोकसभा चुनाव के मुकाबले 6.4 फीसदी कम है। कांग्रेस को कन्नड़ अस्मिता और लिंगायत को अलग धर्म का दर्जा जैसे सियासी दांव का भी लाभ हासिल नहीं हुआ।भाजपा कर्नाटक में भले ही बहुमत के जादुई आंकड़े से दूर रह गई, मगर इसके बावजूद पार्टी ने सूबे में कांग्रेस को करारी शिकस्त देने में कामयाबी हासिल की।
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दक्षिण के राज्य में एक दशक बाद फिर से मजबूत दस्तक दे कर पार्टी ने जहां मिशन 2019 के लिए अपनी संभावनाएं मजबूत बनाई, वहीं कांग्रेस को जदएस की बी टीम बनने के लिए मजबूर कर दिया। अगर येदियुरप्पा तय समय में बहुमत हासिल न भी कर पाए तो भी पार्टी दक्षिण के राज्य में अपनी मजबूत उपस्थिति का अहसास करा चुकी है।
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चुनाव के दौरान निवर्तमान सीएम सिद्घारमैया ने कन्नड़ अस्मिता और लिंगायत को अलग धर्म का दर्जा दे कर एकबारगी भाजपा को उलझा कर दिया था। मगर शाह ने बेहद सधे अंदाज में लिंगायत मठों और इस धर्म से जुड़े विशिष्ट लोगों से सीधा संवाद कर कांग्रेस के इस दांव को सिरे नहीं चढने दिया। इसी जाति के येदियुरप्पा के चेहरे के सहारे शाह ने लिंगायत के अलावा कन्नड़ अस्मिता के दांव को भी बेकार कर दिया।
सभी क्षेत्रों और वर्गों का का हासिल किया वोट
चुनाव में भाजपा को कमोबेश सभी वर्गों का साथ मिला। लिंगायत बाहुल्य 62 सीटों में 40, वोक्कालिगा बाहुल्य 43 में से 20, तटीय कर्नाटक की 32 में ये 20 और मुसलिम बाहुल्य 23 सीटों में से 10 सीटें हासिल की।