कर्नाटक: ठेकेदार की कथित आत्महत्या मामले में सीएम बोम्मई ने हस्तक्षेप से किया इंकार, कहा- कांग्रेस वकील और जज खुद ही बनना चाहती है
बोम्मई ने कहा कि, संतोष पाटिल की आत्महत्या की जांच की जा रही है। उनका पोस्टमार्टम हो चुका है और फोरेंसिक रिपोर्ट के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कर्नाटक में ठेकेदार संतोष पाटिल आत्महत्या मामले में मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप से इंकार किया। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस इस मामले में जांचकर्ता, वकील और जज बनना चाहती है। बोम्मई ने कहा कि, संतोष पाटिल की आत्महत्या की जांच की जा रही है। उनका पोस्टमार्टम हो चुका है और फोरेंसिक रिपोर्ट के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के आधार पर जोड़ी जाएंगी धाराएं
दरअसल, संतोष पाटिल मामले में पूर्व मंत्री केएस ईश्वरप्पा का नाम सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं। ईश्वरप्पा के खिलाफ अभी तक भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज नहीं किए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि, हमने शिकायत के अनुसार प्राथमिकी दर्ज की है और जांच जारी है। जांच की प्रगति के आधार पर और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
सब कुछ कानून के आधार पर होगा
सीएम बोम्मई ने कहा कि, इस मामले में कांग्रेस खुद ही वकील और जज बनना चाहती है, लेकिन ऐसा नहीं होगा। हर कोई जानता है कि सत्ता में रहते हुए कांग्रेस ने कई मामलों को कैसे बंद किया था। संतोष पाटिल मामले में कब, किस धारा को लागू करना है, यह सबकुछ कानून के आधार पर ही हो रहा है। उन्होंने कहा कि, इस मामले में सरकार के स्तर पर किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि ठेकेदार संतोष पाटिल ने हाल ही में कर्नाटक के ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री केएस ईश्वरप्पा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। पाटिल ने आरोप लगाया था कि मंत्री ने काम के बदले 40 प्रतिशत कमीशन देने की मांग की थी। इसके संबंध ने संतोष पाटिल ने प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री शाह और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को पत्र लिखकर मंत्री की शिकायत भी की थी। इसके बाद शुक्रवार को ईश्वरप्पा ने इस्तीफा दे दिया।