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दाऊद का पड़ोसी बन गया बीजेपी एमएलसी, जानें खड़से के कराची कनेक्शन की कहानी

Tue, 07 Jun 2016 07:33 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला,नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला,नई दिल्ली Updated Tue, 07 Jun 2016 07:33 PM IST
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Karachi Connection: Ex-Pak doctor who became a BJP legislator and Eknath Khadse aide in need
- फोटो : gettyimages
महाराष्‍ट्र में बीजेपी के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने भ्रष्‍टाचार के आरोप लगने के बाद पिछले सप्‍ताह राजस्व मंत्री के पद से दे दिया। उन पर दाऊद इब्राहिम से संबंधों के भी लगे। मुश्किल दौर में एक शख्स मदद के लिए सामने आया। खड़से के सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले इस शख्स का नाम है डॉ गुरमुख जगवानी। वह मूलरूप से पाकिस्तान के रहने वाले हैं। 
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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कराची में आज भी उनका एक घर है। जो कि कराची के पॉश इलाके क्लिफटन में स्थित है, जहां दाऊद का घर है। यह घर उनके पिता के नाम पर है। जगवानी बीजेपी के MLC हैं। जगवानी का कहना है कि उन्‍होंने कॉल रिकॉर्ड में दर्ज क्लिफटन का पता वेरिफाई करने के लिए अपने संपर्कों का इस्‍तेमाल किया, उनका दावा है कि यह सब फर्जी है। 
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जगवानी के मुताबिक, “मूल रूप से पाकिस्‍तान का होने की वजह से, मैं तुरंत पहचान गया कि बिल का फॉरमेट पाकिस्‍तान टेलीकम्‍युनिकेशंस लिमिटेड के बिलों से अलग था।”
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पाकिस्‍तानी मूल के डॉक्‍टर से महाराष्‍ट्र के कारोबारी और फिर राजनेता बने जगवानी और खड़से की जोड़ी के बारे खड़से को जानने वाला हर आदमी जानता है। विधान परिषद में जगवानी खड़से के ठीक पीछे बैठते हैं। 

 

Karachi Connection: Ex-Pak doctor who became a BJP legislator and Eknath Khadse aide in need
एकनाथ खड़से - फोटो : फोटो- ट्विटर
एक कांग्रेस नेता का कहना है, “सबको पता है कि जगवानी, खड़से के खास हैं। बहुत सारे लोग जो खड़से से मिलना चाहते हैं, पर नहीं मिल सकते वे जगवानी से संपर्क करते हैं।”

पाकिस्‍तान के सिंध प्रांत के सुक्‍कूर में जन्‍मे जगवानी ने सिंध यूनिवर्सिटी के चंडका मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई पूरी की। 1981 में हनीमून के लिए वे भारत आए और जलगांव में अपने कुछ रिश्‍तेदारों के यहां रुके। उसके बाद उन्‍होंने यही बसने का फैसला कर लिया। 

जगवानी के मुताबिक, “मुझे भारत का रहन-सहन बहुत अच्‍छा लगा। मुझे लगा कि धर्म के हिसाब से भी मेरे लिए यहां रहना ठीक रहेगा। मैंने एक साल तक कराची में पीडियाट्रीशियन के तौर पर काम किया और जून, 1985 में मुंबई आ गया। 1987 में मैं अपने रिश्‍तेदारों के पास जलगांव आ गया।”

जलगांव आने के बाद जगवानी की करीबी महाराष्‍ट्र के सबसे ताकतवर राजनेताओं में से एक से हुई। जगवानी के अनुसार, 'मैं जल्‍द ही बीजेपी में शामिल हो गया।'
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