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जवाहर बाग हिंसा की न्यायिक जांच शुरू, टीम ने लिया जायजा

ब्यूरो/ अमर उजाला,मथुरा Updated Sun, 26 Jun 2016 03:09 AM IST
judicial inquiry started  of Jawahar Park violence
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न्यायिक आयोग ने जवाहर बाग हिंसा की जांच शुरू कर दी है। आयोग के अध्यक्ष एवं हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश मिर्जा इम्तियाज मुर्तजा शनिवार को मथुरा पहुंचे और जवाहर बाग का जायजा लिया और मामले से जुड़े सभी साक्ष्य प्रशासन से तलब किए। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आयोग निर्धारित समय में जांच पूरी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप देगा।
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न्यायिक आयोग के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश मिर्जा इम्तियाज मुर्तजा ने शनिवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस और जवाहर बाग में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि निर्धारित समय छह अगस्त से पहले ही जांच रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।

फिलहाल आम लोगों और संस्थाओं से जवाहर बाग प्रकरण के संदर्भ में शपथ पत्र मांगे जा रहे हैं। कोई भी व्यक्ति इससे जुड़ी जानकारी देना चाहे तो दे सकता है। वीडियो आदि साक्ष्य उपलब्ध करा सकता है। यह प्रक्रिया 21 जुलाई तक चलेगी। इसके बाद साक्ष्यों पर जांच का काम होगा।

उन्होंने बताया कि जांच के लिए मुख्य तौर पर छह बिंदु निर्धारित किए गए हैं। इसमें घटना के कारण, खुफिया तंत्र की रिपोर्ट, जनपदीय पुलिस की कार्ययोजना, पर्यवेक्षण, घटना को रोकने के लिए किए गए प्रबंध और किसी के प्रभाव को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है। सीबीआई के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि सीबीआई सिर्फ जांच एजेंसी है, निर्णय कोर्ट से ही होता है। न्यायिक आयोग निष्पक्ष जांच करेगा। 

शनिवार दोपहर करीब तीन बजे वे दिल्ली से मथुरा पहुंचे और यहां उन्हें डीएम, एसएसपी और अन्य अधिकारियों ने पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से 15 मार्च, 2014 से दो जून, 2016 तक अपनाई गई संपूर्ण कार्रवाई के साक्ष्य, एफआईआर, केस डायरी, हाईकोर्ट के आदेश, अवमानना मामले, जनरल डायरी आदि को मांगा है।

इसके बाद न्यायिक आयोग के अध्यक्ष ने जवाहर बाग का दौरा किया। यहां उन्होंने सबसे पहले जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय के बारे में पूछा। इसके बाद उन्होंने हिंसा के दौरान हुई आगजनी से जले पेड़ों, जली हुई गाड़ियों, जगह-जगह मौजूद राख के ढेरों को भी देखा। उन्हें वह स्थान भी दिखाया गया, जहां से हिंसा की शुरूआत हुई थी। इस दौरान उनके साथ न्यायिक आयोग के सचिव सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश प्रमोद कुमार गोयल भी रहे।
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न्यायिक आयोग ने देखा जवाहर बाग का कोना-कोना

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