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झारखंड खदान हादसाः PM ने रघुबर दास से की फोन पर बात, 9 शव निकाले गए

Fri, 30 Dec 2016 04:54 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 30 Dec 2016 04:54 PM IST
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Jharkhand: Mine collapsed in Lalmatia in Jharkhand last night, many workers feared trapped
- फोटो : ANI
झारखंड के लाल मटिया में कोयला खदान धंसने की वजह से कम से कम 40 मजदूरों के दबने की खबर आ रही है। गोड्डा में कोयला खदान धंसने की घटना गुरुवार शाम को हुई है। कई सारे मजदूर अभी भी फंसे हुए हैं, जबकि घायलों को मेडिकल सुविधा मुहैया कराई जा रही है। हालांकि अब तक बचाव कार्य में 9 शव निकाले जा चुके हैं और साथ ही 10 खनन उपकरण भी निकाल लिए गए हैं।
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सीआईएसएफ का कहना है कि प्राइवेट कंपनी की मशीनों के साथ 40 से 50 मजदूर मिट्टी में दबे हो सकते हैं। सीआईएसएफ के मुताबिक बचाव और राहत कार्य चल रहा है जबकि इलेक्ट्रिक सप्लाई प्रभावित हुई है। 
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घटना के बारे में मुख्यमंत्री रघुवर दास को सूचित कर दिया गया है। पटना से एनडीआरएफ की टीमें घटना स्थल के लिए रवाना हो गई है। इसके साथ ही 1 जीओ, 2 इंस्पेक्टर, 21 सीआईएसएफ के जवान ईसीएल शीतलपुर हेडक्वार्ट्रर से घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं। 

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक मुख्यमंत्री रघुबर दास स्थिति पर निगाह रखे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को बचाव कार्य में और तेजी लाने का आदेश दिया है। पटना से एनडीआरएफ की एक टीम झारखंड के लालमटिया में घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है। 

केंद्रीय पावर और कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने एएनआई से कहा कि स्थिति स्थिति पर निगाह रखी जा रही है। बचाव कार्य जारी है। इस मामले में जांच चल रही है। 

 

स्थिति पर है कोयला मंत्री की निगाह

Jharkhand: Mine collapsed in Lalmatia in Jharkhand last night, many workers feared trapped
फाइलः रघुबर दास - फोटो : ANI
ईसीएल और डब्ल्यूसीएल के सीएमडी राजीव रंजन मिश्रा ने एएनआई को बताया कि बचाव कार्य गुरुवार को शुरू हो गया था और अब पूरे जोर शोर से चल रहा है। बिजली संकट को तीन घंटे के भीतर निपटा लिया गया। 

मिश्रा ने कहा कि 3 उत्खनक और 7 डंपर की उस जगह पर पहचान की गई है, जहां घटना हुई है। लैंड स्लाइड के वक्त दो डंपर बच निकले। 

उन्होंने कहा कि नियमों के मुताबिक 1 औजार के साथ एक व्यक्ति को अनुमति होती है, ऐसे में जब दो डंपर लैंड स्लाइड के वक्त निकल गए थे, तो फंसे हुए लोगों की संख्या 7 से कम हो सकती है। हालांकि अब तक सात शव निकाले जा चुके हैं।

इसके अलावा पटना से एनडीआरएफ की तीन और टीमें रवाना हुई है, जबकि रांची से भी एक टीम लालमटिया के लिए निकली है। 

मिश्रा ने कहा कि अब तक 7 शव निकाले जा चुके हैं। 

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास से बात की है और घटना के बारे में जानकारी ली है। दास ने मृतकों के लिए 2 लाख और घायलों के लिए 25 हजार रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है। 
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