जेट एयरवेज को मिला आदी समूह का साथ, कंपनी में खरीदेेंगे 75 फीसदी हिस्सेदारी, हर कर्मचारी होगा मालिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिवालिया मामले का सामना कर रही निजी विमानन कंपनी जेट एयरवेज की 75 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए उसके कर्मचारियों के समूह ने लंदन की कंपनी के साथ बोली लगाने की बात कही है। कर्मचारी समूह ने शुक्रवार को बताया कि वह लंदन के आदि समूह के साथ मिलकर बोली लगाएगा।
कर्मचारी समूह का कहना है कि यह जेट एयरवेज को खरीदने की अपने तरह की पहली कोशिश है। कर्ज के बोझ से दबी जेट एयरवेज देश की पहली ऐसी विमानन कंपनी है जो एनसीएलटी की दिवालिया प्रक्रिया का सामना कर रही है। एनसीएलटी में कंपनी के खिलाफ भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई में 26 कर्जदाता बैंकों ने दिवालिया एवं ऋणशोधन अक्षमता कानून के तहत समाधान प्रक्रिया शुरू करने की याचिका लगाई है।
इन बैंकों को कंपनी से 8.5 हजार करोड़ रुपये की वसूली करनी है। इसके अलावा कंपनी पर वेंडरों, पट्टा देने वालों और कर्मचारियों का भी 25,000 करोड़ रुपये बकाया है।
हर कर्मचारी होगा मालिक
कर्मचारियों के समूह और आदि ग्रुप ने साझा बयान जारी कर कहा है कि यह भारतीय विमानन उद्योग के इतिहास में एक नए सवेरे की शुरुआत है। यह पहली बार होगा जब किसी विमानन कंपनी का प्रत्येक कर्मचारी उसका मालिक होगा और उसका परिचालन भी कर रहा होगा। दोनों भागीदार 2,500 से 5,000 करोड़ के बीच में बोली लगा सकते हैं।