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JDU Crisis: जदयू अध्यक्ष ललन सिंह क्या दलबदल की तैयारी में हैं? लालू से मिलाएंगे हाथ या जाएंगे भाजपा के साथ

Wed, 27 Dec 2023 04:25 PM IST
Atul sinha अतुल सिन्हा
Updated Wed, 27 Dec 2023 04:25 PM IST
सार

19 दिसंबर को दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद से जदयू में अंदरूनी कलह की खबरों को बाकायदा हवा दी जा रही है। भाजपा सांसद और वरिष्ठ नेता सुशील मोदी दावा कर रहे हैं कि ललन सिंह 29 दिसंबर से पहले पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ देंगे या उन्हें हटा दिया जाएगा, जबकि गिरिराज सिंह भी ललन सिंह और लालू यादव की बढ़ती नजदीकियों का दावा कर रहे हैं...

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JDU Crisis: Is JDU President Lalan Singh preparing to defection? Will he join hands with RJD or BJP
JDU Crisis: Lalan Singh and Nitish Kumar - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के इस्तीफे की पेशकश और नीतीश कुमार के साथ उनकी मुलाकात की खबरों के बीच बिहार की सियासत में एक बड़ी हलचल आने के संकेत मिल रहे हैं। कहा जा रहा है कि ललन की अगुआई में जदयू का एक खेमा जल्दी ही राष्ट्रीय जनता दल या भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम सकता है। 19 दिसंबर को दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद से जदयू में अंदरूनी कलह की खबरों को बाकायदा हवा दी जा रही है। भाजपा सांसद और वरिष्ठ नेता सुशील मोदी दावा कर रहे हैं कि ललन सिंह 29 दिसंबर से पहले पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ देंगे या उन्हें हटा दिया जाएगा, जबकि गिरिराज सिंह भी ललन सिंह और लालू यादव की बढ़ती नजदीकियों का दावा कर रहे हैं।

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दरअसल नीतीश कुमार के विधानसभा में महिलाओं के बारे में दिए गए आपत्तिजनक बयान के बाद से ललन सिंह उनसे बेहद खफा बताए जाते हैं। ललन सिंह के एक बेहद करीबी नेता का दावा है कि नीतीश कुमार का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और उन्हें कोई गंभीर बीमारी है। उनका कहना है कि 19 दिसंबर की बैठक के बाद यह खबर बेशक उड़ाई गई हो कि नीतीश पीएम पद के लिए मल्लिकार्जुन खरगे का नाम आने से नाराज होकर चले गए, लेकिन मामला यह नहीं है। नीतीश से उनकी ही पार्टी के लोगों की नाराज़गी की खबरें बीच बीच में आती रहती हैं और अब यही अंदरूनी विवाद खुलकर सामने आ रहा है।

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गठबंधन की राजनीति और सीटों के बंटवारे को लेकर बेशक इस बार की बैठक में सकारात्मक बातें हुई हैं, लेकिन माना यह भी जा रहा है कि बिहार में सबकुछ ठीक नहीं है। खासकर नीतीश कुमार और ललन सिंह के विवाद के खुलकर सतह पर आने के बाद यह कहा जा रहा है कि अब ललन सिंह ज्यादा दिनों तक जदयू में नहीं रहने वाले। सूत्रों का यह भी कहना है कि भाजपा की नज़र तभी से ललन सिंह पर है, जबसे नीतीश ने भाजपा से दोस्ती तोड़कर आरजेडी से हाथ मिला लिया था। भाजपा के लिए ललन सिंह को साथ लाना आगामी चुनाव को देखते हुए एक बड़ी जीत होगी, क्योंकि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व लंबे समय से बिहार में सुशील मोदी का विकल्प भी तलाश रहा है। जदयू-भाजपा गठबंधन की सरकार जब बनी थी, तो ललन सिंह को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह देने की बात भी तय हो गई थी, लेकिन रामचंद्र प्रसाद सिंह ने तब जदयू छोड़कर भाजपा में शामिल होकर मंत्री पद पा लिया और ललन सिंह को जदयू अध्यक्ष पद से संतोष करना पड़ा था।

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अब लोकसभा चुनाव को देखते हुए ललन सिंह ने फिर अपना सियासी दांव खेला है। पार्टी अध्यक्ष पद छोड़कर लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को मजबूत करने की बात कहकर ललन सिंह यह तो संकेत दे ही चुके हैं कि अब उन्हें जदयू में कोई भविष्य नहीं दिख रहा है औऱ नीतीश कुमार के साथ अब उनकी राजनीति बहुत दिनों तक नहीं चलने वाली। नीतीश कुमार, लालू यादव, सुशील मोदी औऱ ललन सिंह जैसे नेता जेपी आंदोलन के पुराने साथी हैं और बिहार की राजनीति में लंबे समय से इन्हीं नेताओं का दबदबा रहा है। नीतीश कुमार के बार-बार अपनी ‘आस्था’ बदलने और कभी भाजपा, तो कभी आरजेडी, तो कभी कांग्रेस के साथ आने जाने से भी उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में अब उल्टे-सीधे और बेहद आपत्तिजनक बयानों के बाद से ललन सिंह समेत गठबंधन के अन्य नेताओं से उनकी दूरी भीतर ही भीतर काफी बढ़ गई है। बेशक नीतीश अपने बयानों के लिए खेद जताएं, लेकिन सितंबर में विधानसभा में दिया गया उनका बयान अब अपना असर दिखाने लगा है और उन्हीं के करीबी अब उनसे दूरियां बढ़ाने लगे हैं।

जदयू ने जिस तरह अचानक कर्पूरी ठाकुर पर अपना पूर्व नियोजित कार्यक्रम रद्द किया और पार्टी में ललन सिंह समर्थकों की अलग से मेल मुलाकातों का सिलसिला तेज हुआ है, उससे पार्टी के भीतर का हाल जगजाहिर हो रहा है। 29 तारीख को होने वाली जदयू कार्यकारिणी की बैठक से पहले परेशान नीतीश कुमार का ललन सिंह के घर जाना, उन्हें मनाने की कोशिश करना और उनके सीधे सपाट जवाब के बाद महज 10 मिनट में ही लौट आना, यह संकेत देता है कि आने वाले दो-चार दिन जदयू के लिए बेहद गंभीर और उथल पुथल वाले हैं।

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