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तमिलनाडु विधानसभा में जल्लीकट्टू बिल पास, कई हिस्सों में आगजनी व पथराव
एजेंसी,चेन्नई/कोयंबटूर
Updated Mon, 23 Jan 2017 11:31 PM IST
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तमिलनाडु विधानसभा में सोमवार को जल्लीकट्टू बिल पास हो गया। बिल मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम की ओर से पेश किया गया, जिसे सदन ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। अब यह बिल जल्लीकट्टू पर राज्य सरकार की ओर से लाए गए अध्यादेश की जगह लेगा। इससे पहले, जल्लीकट्टू को लेकर प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से चल रहा प्रदर्शन सोमवार को हिंसक हो उठा और दिनभर आगजनी, पथराव, लाठीचार्ज तथा आंसू गैस के गोले दागे जाने की खबरें आती रहीं। हिंसा के दौरान कुछ छात्र और कुछ पुलिसकर्मी घायल भी हुए है।
पुलिस ने सोमवार की सुबह जल्लीकट्टू के समर्थन में विरोध प्रदर्शन का केंद्र बने मरीना बीच समेत राज्यभर में विभिन्न प्रदर्शन स्थलों से प्रदर्शनकारियों को खदेड़ना शुरू किया। फिर क्या था प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। इसके बाद कुछ जगहों पर पथराव शुरू हो गया। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने कहीं लाठीचार्ज किया तो कहीं आंसू गैस के गोले दागने पड़े। पुलिस की इस कार्रवाई से उत्तेजित प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर गाड़ियों में आग लगा दी। मरीना बीच के पास स्थित आइस थाने में सामने खड़ी गाड़ियों को भी भीड़ ने आग के हवाले कर दिया। आगजनी में थाने परिसर का अगला हिस्सा भी जल गया है। नडुकुप्पम में भी भीड़ ने गाड़ियों में आग लगा दी। प्रदर्शन के हिंसक हो जाने से तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में दिनभर अफरा-तफरी फैली रही।
सोमवार तड़के पुलिस ने मरीना बीच की ओर जाने वाली सड़कों की घेराबंदी कर दी। इस पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने समुद्र के किनारे मानव श्रृंखला बना ली और वहां से हटने की पुलिस के आग्रह को मानने से इनकार करते हुए प्रदर्शनकारियों का एक समूह समुद्र में उतर गया। कुछ अन्य प्रदर्शनकारी वहां धरने पर बैठ गए, जबकि अन्य आसपास के इलाकों में एकत्रित हो गए और नारेबाजी करने लगे। कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर पर पथराव भी किया गया। पुलिस ने मरीना बीच के समीप त्रिप्लिकैन में फिर से इकट्ठा हुए और कथित रूप से पथराव करने वाले प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
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पुलिस ने सोमवार की सुबह जल्लीकट्टू के समर्थन में विरोध प्रदर्शन का केंद्र बने मरीना बीच समेत राज्यभर में विभिन्न प्रदर्शन स्थलों से प्रदर्शनकारियों को खदेड़ना शुरू किया। फिर क्या था प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। इसके बाद कुछ जगहों पर पथराव शुरू हो गया। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने कहीं लाठीचार्ज किया तो कहीं आंसू गैस के गोले दागने पड़े। पुलिस की इस कार्रवाई से उत्तेजित प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर गाड़ियों में आग लगा दी। मरीना बीच के पास स्थित आइस थाने में सामने खड़ी गाड़ियों को भी भीड़ ने आग के हवाले कर दिया। आगजनी में थाने परिसर का अगला हिस्सा भी जल गया है। नडुकुप्पम में भी भीड़ ने गाड़ियों में आग लगा दी। प्रदर्शन के हिंसक हो जाने से तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में दिनभर अफरा-तफरी फैली रही।
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सोमवार तड़के पुलिस ने मरीना बीच की ओर जाने वाली सड़कों की घेराबंदी कर दी। इस पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने समुद्र के किनारे मानव श्रृंखला बना ली और वहां से हटने की पुलिस के आग्रह को मानने से इनकार करते हुए प्रदर्शनकारियों का एक समूह समुद्र में उतर गया। कुछ अन्य प्रदर्शनकारी वहां धरने पर बैठ गए, जबकि अन्य आसपास के इलाकों में एकत्रित हो गए और नारेबाजी करने लगे। कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर पर पथराव भी किया गया। पुलिस ने मरीना बीच के समीप त्रिप्लिकैन में फिर से इकट्ठा हुए और कथित रूप से पथराव करने वाले प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
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पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने का किया प्रदर्शन
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- फोटो : PTI
कोयंबटूर में पुलिस ने वीओसी पार्क ग्राउंड्स से प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाया। पुलिस की कार्रवाई का विरोध कर रहे कुछ युवकों ने मानव श्रृंखला बनाई और पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए ‘हल्का’ लाठीचार्ज किया। केंद्रीय कारागार के समीप जल्लीकट्टू के आयोजन के लिए स्थायी समाधान की मांग और पुलिस तथा पेटा के खिलाफ नारे लगा रहे करीब 300 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन स्थल को खाली करा लिया गया है और अब यह पुलिस तथा जिला प्रशासन के नियंत्रण में है। मदुरै में प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों के अलंगनल्लूर में पुलिस पर पथराव किया, जिसमें दोनों पक्षों के कम से कम 20 लोग घायल हो गए। इससे पहले अलंगनल्लूर की ग्राम समिति ने अध्यादेश पर संतोष जताया। समिति एक फरवरी को जल्लीकट्टू के आयोजन पर सहमत हो गई है। समिति ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया है। कुड्डालोर, तिरुनेलवेली और इरोड में भी प्रदर्शनकारियों को हटा दिया गया है।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन वापस लेने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि केंद्र और राज्य की सरकार जल्लीकट्टू के मसले पर गंभीर हैं और इसके लिए रास्ता निकाला जा रहा है। द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिसिया कार्रवाई की निंदा की है और उसे अलोकतांत्रिक करार दिया है। उधर, मद्रास हाईकोर्ट ने मरीना बीच पर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन वापस लेने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि केंद्र और राज्य की सरकार जल्लीकट्टू के मसले पर गंभीर हैं और इसके लिए रास्ता निकाला जा रहा है। द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिसिया कार्रवाई की निंदा की है और उसे अलोकतांत्रिक करार दिया है। उधर, मद्रास हाईकोर्ट ने मरीना बीच पर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है।