मोदी कैबिनेट के शीर्ष मंत्री ही नाखुश हैं सेंसर बोर्ड से
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फिल्म 'उड़ता पंजाब' और सेंसर बोर्ड के बीच जारी घमासान इतना बड़ा हो चला है कि केंद्रीय वित्त और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरुण जेटली को इस पर बात करनी पड़ी। केंद्रीय मंत्री ने मौजूदा सेंसर बोर्ड की फिल्म प्रमाणन प्रणाली पर नाखुशी जाहिर की।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक जब उनसे फिल्म 'उड़ता पंजाब' पर सेंसर बोर्ड की कार्यवाही को लेकर सवाल किया गया था, तो जवाब में उन्होंने कहा कि इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है, उन्होंने फिल्म नहीं देखी है।
लेकिन जेटली ने मौजूदा फिल्म प्रमाणन प्रणाली से असंतुष्टी जरूर जाहिर की और कहा कि फिल्म प्रमाणन के मानदंडों को उदार होना चाहिए और जल्द ही कुछ आमूल-चूल परिवर्तन की घोषणा की जाएगी।
बता दें कि 'उड़ता पंजाब' फिल्म पंजाब में व्याप्त नशे पर केंद्रित बताई जाती है। फिल्म के टीजर और ट्रेलर से भी यी पता चलता है।
'सिस्टम में कुछ लोग रूढ़िवादी'
इसी पर आगे बात करते हुए उन्होंने कहा कि श्याम बेनेगल ने एक रिपोर्ट तैयार की है, जो उन्हें मिली है। इस रिपोर्ट पर विचार चल रहा है। समिति में इन बदलावों को लेकर बात हुई है। आने वाले कुछ ही दिनों में फिल्म प्रमाणन को लेकर आमूल-चूल परिवर्तन की घोषणा की जाएगी।
जेटली ये भी कहा कि सिस्टम में ऐसे कुछ लोग हैं जो रूढ़िवादी है। लेकिन उसकी चिंता की बात नहीं है क्योंकि वहां आंतरिक नियंत्रण और संतुलन बनाने के लिए भी इंतजाम हैं।
जेटली ने अपनी राय व्यक्त करते हुए सलाह भी दी है कि अगर आप फिल्म प्रमाणन के लिए सबसे पहसे सेंसर बोर्ड जाते हैं और वहां समस्या खड़ी होती है तो आप उसके आगे भी जा सकते हैं। उसके आगे भी एक बॉडी (संस्था) है, जहां 99 फीसदी मामला सुलझ ही जाता है।