फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Gujarat ›   Issues of Ghatlodia's voters which has given Two Chief Ministers

Gujarat Election: दो चुनाव में दो मुख्यमंत्री दे चुकी है घाटलोडिया सीट, जानें यहां के मतदाताओं के मुद्दे

Tue, 29 Nov 2022 08:05 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 29 Nov 2022 08:05 PM IST
सार

2008 में हुए परिसीमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आई थी और पहली बार 2012 में यहां चुनाव हुए। अभी तक दो बार चुनाव हुए हैं और दोनों ही बार भाजपा के उम्मीदवार जीते हैंं। इतना ही नहीं दोनों बार जीतने वाले मुख्यमंत्री भी बने हैं। 

विज्ञापन
Issues of Ghatlodia's voters which has given Two Chief Ministers
घाटलोदिया सीट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

घाटलोडिया विधानसभा से चुनव जीतने वाले दो विधायक राज्य के मुख्यमंत्री बन चुके हैं। दोनों को चुनाव से पहले मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर पेश नहीं किया गया  था। यहां से भाजपा ने एक बार फिर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को चुनाव मैदान में उतारा है। जबकि, कांग्रेस ने राज्यसभा सांसद अमी बेन याग्निक को टिकट दिया है। यहां पाटीदार मतदाताओं की खासी तादाद होने के कारण माना जाता है कि नतीजे क्या होंगे, वे ही तय करते हैं। 

विज्ञापन

 2008 में हुए परिसीमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आई थी और पहली बार 2012 में यहां चुनाव हुए। अभी तक दो बार चुनाव हुए हैं और दोनों ही बार भाजपा के उम्मीदवार जीते हैंं। इतना ही नहीं दोनों बार जीतने वाले मुख्यमंत्री भी बने हैं। क्या इस बार भी ऐसा कुछ हो सकता है, इस बारे में कयास लगाये जा रहे हैं। 

विज्ञापन

विधानसभा चुनाव के आंकड़ों की बात करें तो परिसीमन के बाद पहली बार हुए चुनाव में भाजपा की आनंदी बेन पटेल ने अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस उम्मीदवार रमेश भाई पटेल को एक लाख से अधिक मतों से पराजित किया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

भाजपा ने 2017 में भूपेंद्र पटेल को उम्मीदवार बनाया और उन्होंने कांग्रेस के शशिकांत पटेल को एक लाख से अधिक मतों से पराजित किया। यह पहली बार है कि भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री का चेहरा माना जा रहा है।  

Issues of Ghatlodia's voters which has given Two Chief Ministers
घाटलोदिया - फोटो : अमर उजाला

क्या हैं लोगों के चुनावी मुद्दे?

  • इलाके के कई लोगों का कहना है कि इस चुनाव में गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी के बारे में बातें कम हो रही हैं। स्टेशनरी का कारोबार करने वाले नीलेशभाई शाह ने कहा कि, “इलाके में निकासी की समस्या गंभीर है। ज्यादा बारिश होने पर दुकानों में पानी भर जाता है। इलाके में पेयजल की भी समस्या है।”

  • व्यापारी राकेश रावल ने कहा कि, “इलाके में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है। आए दिन यहां चोरियां होती रहती हैं। प्रशासन को इलाके में सीसीटीवी लगाने का बंदोबस्त करना चाहिए।” 

  • कमल बजाज का कहना है कि, “इलाके में खासा विकास हुआ है, अवैध झोपड़पट्टी को हटाकर प्रशासन ने अच्छा काम किया है।” 

  • एक मतदाता ने कहा कि एक दूध कंपनी ने देश भर में दूध की कीमतें बढ़ा दी लेकिन गुजरात में नहीं बढ़ाईं। चुनाव भले ही कोई दल जीते लेकिन दो रुपए प्रति लीटर की वृद्धि नतीजों के बाद चार रुपए प्रति लीटर  हो जाएगी।  

53 फीसदी पुरुष और 47 फीसदी महिला मतदाता
इस विधानसभा में कुल 3.74 लाख मतदाता हैं, जिसमें 53 फीसद पुरुष और 47 फीसद महिलाएं हैं। इस सीट पर पाटीदार के बाद रबारी समाज के लोगों की खासी संख्या है। 2017 के चुनाव से पहले राज्य में पाटीदार आंदोलन काफी तीव्र हुआ था, इसके बावजूद यहां से भाजपा ने 2017 में आसान जीत हासिल की थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed