Gujarat Election: दो चुनाव में दो मुख्यमंत्री दे चुकी है घाटलोडिया सीट, जानें यहां के मतदाताओं के मुद्दे
2008 में हुए परिसीमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आई थी और पहली बार 2012 में यहां चुनाव हुए। अभी तक दो बार चुनाव हुए हैं और दोनों ही बार भाजपा के उम्मीदवार जीते हैंं। इतना ही नहीं दोनों बार जीतने वाले मुख्यमंत्री भी बने हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
घाटलोडिया विधानसभा से चुनव जीतने वाले दो विधायक राज्य के मुख्यमंत्री बन चुके हैं। दोनों को चुनाव से पहले मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर पेश नहीं किया गया था। यहां से भाजपा ने एक बार फिर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को चुनाव मैदान में उतारा है। जबकि, कांग्रेस ने राज्यसभा सांसद अमी बेन याग्निक को टिकट दिया है। यहां पाटीदार मतदाताओं की खासी तादाद होने के कारण माना जाता है कि नतीजे क्या होंगे, वे ही तय करते हैं।
2008 में हुए परिसीमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आई थी और पहली बार 2012 में यहां चुनाव हुए। अभी तक दो बार चुनाव हुए हैं और दोनों ही बार भाजपा के उम्मीदवार जीते हैंं। इतना ही नहीं दोनों बार जीतने वाले मुख्यमंत्री भी बने हैं। क्या इस बार भी ऐसा कुछ हो सकता है, इस बारे में कयास लगाये जा रहे हैं।
विधानसभा चुनाव के आंकड़ों की बात करें तो परिसीमन के बाद पहली बार हुए चुनाव में भाजपा की आनंदी बेन पटेल ने अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस उम्मीदवार रमेश भाई पटेल को एक लाख से अधिक मतों से पराजित किया था।
भाजपा ने 2017 में भूपेंद्र पटेल को उम्मीदवार बनाया और उन्होंने कांग्रेस के शशिकांत पटेल को एक लाख से अधिक मतों से पराजित किया। यह पहली बार है कि भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री का चेहरा माना जा रहा है।
क्या हैं लोगों के चुनावी मुद्दे?
-
इलाके के कई लोगों का कहना है कि इस चुनाव में गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी के बारे में बातें कम हो रही हैं। स्टेशनरी का कारोबार करने वाले नीलेशभाई शाह ने कहा कि, “इलाके में निकासी की समस्या गंभीर है। ज्यादा बारिश होने पर दुकानों में पानी भर जाता है। इलाके में पेयजल की भी समस्या है।”
-
व्यापारी राकेश रावल ने कहा कि, “इलाके में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है। आए दिन यहां चोरियां होती रहती हैं। प्रशासन को इलाके में सीसीटीवी लगाने का बंदोबस्त करना चाहिए।”
-
कमल बजाज का कहना है कि, “इलाके में खासा विकास हुआ है, अवैध झोपड़पट्टी को हटाकर प्रशासन ने अच्छा काम किया है।”
-
एक मतदाता ने कहा कि एक दूध कंपनी ने देश भर में दूध की कीमतें बढ़ा दी लेकिन गुजरात में नहीं बढ़ाईं। चुनाव भले ही कोई दल जीते लेकिन दो रुपए प्रति लीटर की वृद्धि नतीजों के बाद चार रुपए प्रति लीटर हो जाएगी।
53 फीसदी पुरुष और 47 फीसदी महिला मतदाता
इस विधानसभा में कुल 3.74 लाख मतदाता हैं, जिसमें 53 फीसद पुरुष और 47 फीसद महिलाएं हैं। इस सीट पर पाटीदार के बाद रबारी समाज के लोगों की खासी संख्या है। 2017 के चुनाव से पहले राज्य में पाटीदार आंदोलन काफी तीव्र हुआ था, इसके बावजूद यहां से भाजपा ने 2017 में आसान जीत हासिल की थी।