{"_id":"57d294ba4f1c1b3d3b31acbc","slug":"isro-now-eyes-on-venus","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंगल के बाद अब शुक्र पर है इसरो की निगाहें ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
मंगल के बाद अब शुक्र पर है इसरो की निगाहें
टीम डिजीटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 09 Sep 2016 05:05 PM IST
विज्ञापन
ISRO
- फोटो : pti
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक साथ 20 उपग्रह अंतरिक्ष में भेजने की सफलता के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की निगाहें अब शुक्रग्रह पर टिकी हुई हैं। गुरुवार को इसरो के अध्यक्ष ए.एस. किरन कुमार ने बताय कि संगठन अब शुक्रग्रह पर अभियान की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन
प्रेस कांफ्रेंस में श्री कुमार ने बताया कि आने वाले दिनों में इसरो चंद्रयान-2 के अलावा नासा के एक साथ संयुक्त मिशन पर भी काम करने जा रहा है। शुक्र पर आधारित इस मिशन के बारे में इसरो अध्यक्ष ने बताया कि जीएसएलवी-एफ05 के सफल प्रक्षेपण के बाद, इसरो अब हर साल कम से कम दो जीएसएलवी मार्क-II मिशन शुरू करने की योजना बना रहा है।
विज्ञापन
शुक्र पर आधारित मिशन की प्रक्रिया और प्रणाली पर पूछे गए सवाल के जवाब में संगठन के पृथ्वी- संग्रहणीय तरल प्रणोदक रॉकेट प्रणाली के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने बताया कि संगठन अब स्वदेशी क्रायोजेनिक प्रणाली का इस्तेमान करता है।
विज्ञापन
जो पृथ्वी- संग्रहणीय तरल प्रणोदक रॉकेट प्रणाली की तुलना में एक जटिल प्रणाली है। हमारे सभी वैज्ञानिक इस प्रणाली के साथ सहज है, उन्होंने बताया कि इस मिशन के लिए इसरो अपने पहले से मौजूद इंजन C- 25 की क्षमता को दो गुना करने जा रहा है। जिससे की इस मिशन को सफलता मिल सकेगी।