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मनोज सिन्हा बोले- गांव-गांव में पूरा करेंगे इंटरनेट पहुंचाने का संकल्प
शशिधर पाठक/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 07 Nov 2017 10:29 PM IST
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नई दूर संचार नीति पर तेजी से काम चल रहा है और 2018 में फरवरी तक इसके प्रभावी हो जाने की संभावना है। केन्द्रीय दूर संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि दूर संचार नीति पर गठित कार्य समूह अपना काम कर रहा है।
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दिसंबर तक इसके बाबत सुझाव आ जाएंगे और फरवरी 2018 तक इसके प्रभावी हो जाने की संभावना है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार डिजिटल इंडिया की योजना को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस क्रम में भारत नेट परियोजना के पहले चरण को पूरा कर लिया गया है। सिन्हा ने कहा कि सरकार देश के गांव-गांव तक इंटरनेट पहुंचाने के प्रतिबद्ध है।
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भारतनेट परियोजना के प्रगति की जानकारी देते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि 75 हजार ग्राम पंचायतों में आप्टिकल फाइबर के जरिए ब्राडबैंड की सुविधा उपलब्ध कराने की क्षमता हासिल हो चुकी है।
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85,506 ग्राम पंचायतों में जीपीओएन उपकरण लगाए गए हैं और 2,23, 677 किमी क्षेत्र में आप्टिकल फाइबर बिछाकर पांच नवंबर तक एक लाख तीन हजार से अधिक ग्राम पंचायतों तक आप्टिकल फाइबर की केबल बिछाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य मार्च 2019 तक 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को इससे जोडऩे का है।
जितना उपयोग, उतना ही कम भुगतान
केन्द्रीय दूर संचार मंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्र में इंटरनेट सेवाओं के विस्तार के लिए किफायती ब्राडबैंड सेवाएं उपलब्ध कराने का खाका तैयार किया है। इसकी थीम जितना उपयोग, उतना ही कम भुगतान की है।
ब्लॉक और ग्राम पंचायत के बीच विषम बैंडविड्थ के लिए 10 एमबीपी तक के उपयोग पर 700 रुपये वार्षिक प्रति एमबीपी तथा 1 जीबीपी के लिए 200 रुपये प्रति एमबीपी रखी गई हैं। वहीं सममितीय बैंडविड्थ के लिए यह दर 10 एमबीपी तक के लिए 1000 रुपये प्रति एमबीपी तथा 100 एमबीपी के लिए 500 रुपये प्रति एमबीपी होंगी।
निजी क्षेत्र आया आगे
दूर संचार मंत्री ने कहा कि भारत सरकार की पहल के बाद भारतनेट कनेक्टिीविटी का उपयोग करने के लिए निजी क्षेत्र की दूरसंचार सेवाएं देने वाली कंपनियां आगे आने लगी हैं। इसके लिए एयरटेल, वोडाफोन, रिलायंस, आइडिया समेत अन्य ने अपना प्रस्ताव दिया है। एयरटेल ने लीज पर 1 जीबीपी कनेक्टिविटी लेने के लिए 10 हजार ग्राम पंचायतों में रुचि दिखाई है।
वहीं रिलायंस ने 30 हजार, वोडाफोन ने 2 हजार और आइडिया ने एक हजार गांव पंचायतों में रुचि दिखाई है। सिन्हा ने कहा कि अंतिम छोर तक इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए सरकार हाटस्पॉट समेत अन्य विकल्पों को भी प्रयोग में लाएगी। इसमें निजी क्षेत्र को अवसर दिया जाएगा।
पांच लाख लोगों को रोजगार
दूर संचार मंत्री ने कहा कि भारतनेट परियोजना के तहत करीब 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में हॉटस्पॉट के लिए पांच लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि 2.5 लाख किमी आप्टिकल फाइबर बिछाने में लोगों को 7.9 करोड़ दिन का रोजगार दिया जा सका है। इसी तरह से 2.6 लाख किमी के लिए 8.7 करोड़ दिन कामकाज के अवसर उपलब्ध होंगे।