फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Infosys signs of corrosion as well as Tata

इन्फोसिस में भी टाटा जैसी जंग के संकेत

Sat, 11 Feb 2017 03:40 PM IST
योगिता लिमये / बीबीसी
योगिता लिमये / बीबीसी Updated Sat, 11 Feb 2017 03:40 PM IST
विज्ञापन
Infosys signs of corrosion as well as Tata

सॉफ्टवेयर कंपनी इन्फोसिस का इतिहास भले ही 150 साल पुराने टाटा समूह जैसा ना हो मगर विदेशों में अभी भी ये एक जाना-पहचाना भारतीय नाम है। इन्फोसिस भारत में आईटी इंडस्ट्री की बुनियाद रखनेवाली शुरूआती कंपनियों में से एक है। 1981 में सात इंजीनियरों ने मिलकर मात्र 250 डॉलर में इसकी शुरूआत की थी जो आज 10 अरब डॉलर से भी ज्यादा की संपत्ति वाली कंपनी बन चुकी है।

विज्ञापन


मगर उन सात संस्थापकों में से आज किसी का भी कंपनी के काम से कोई संबंध है, हालाँकि उनके पास कंपनी के शेयर हैं। सातों संस्थापकों में से सबसे चर्चित रहे एन आर नारायणमूर्ति, उनकी पत्नी, बेटा और बेटी कंपनी में 3.44% संपत्ति के हिस्सेदार हैं। ये इकलौता परिवार है जिसके पास कंपनी की इतनी बड़ी हिस्सेदारी है और अब नारायणमूर्ति ने कह दिया है कि उन्हें कंपनी को जिस तरह से चलाया जा रहा है उसपर चिन्ता हो रही है।

विज्ञापन

क्यों चिंतित हैं नारायणमूर्ति

Infosys signs of corrosion as well as Tata

उन्होंने इकोनॉमिक टाइम्स अखबार को एक इंटरव्यू में खास तौर से कंपनी के कुछ कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने के बदले में दिए गए "अत्यधिक भुगतान" को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा,"ऐसे भुगतानों से ऐसा संदेह होता है कि कहीं कंपनी कुछ छुपाने के लिए तो ये पैसे नहीं दे रही।"

इन्फोसिस के मुख्य कार्यकारी विशाल सिक्का के वेतन पर भी सवाल उठते रहे हैं जो पिछले साल 70 लाख डॉलर से बढ़कर 1 करोड़ 10 लाख डॉलर हो गई। इन्फोसिस ने कंपनी के कामकाज में कोताहियाँ बरते जाने के आरोप से इनकार किया है और एक बयान जारी कर कहा है कि किसी मुद्दे पर विचारों में भिन्नताएँ हो सकती हैं, मगर इन मुद्दों पर शेयरधारकों से स्वीकृति ली गई है।

बयान में कहा गया है कि बोर्ड सदस्य संस्थापकों की बातों की सराहना और आदर करते हैं मगर वो शेयरधारकों के हित में स्वतंत्र रूप से फैसले लेने की जिम्मेदारी पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध है।

सिक्का की सफाई

Infosys signs of corrosion as well as Tata
विशाल सिक्का ने इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा है मगर ट्विटर पर एक संक्षिप्त टिप्पणी की है कि "अफरातफरी के बीच एकाग्रता और खामोशी" जरूरी है। 2014 में सिक्का ने जब कंपनी की कमान संभाली थी तो वो इस ओहदे पर बैठनेवाले पहले ऐसे व्यक्ति थे जो कंपनी का संस्थापक नहीं था।

उनकी नियुक्ति में नारायणमूर्ति ने खुद काफी सक्रिय भूमिका निभाई थी। तब कंपनी फायदे में थी मगर उसकी कमाई मंद पड़ती जा रही है। सिक्का के कमान संभालने के बाद कुछ समय तक कमाई उम्मीद से भी तेज गति से बढ़ी मगर हाल के समय में कंपनी ने अपने राजस्व में वृद्धि होने के अनुमानित लक्ष्य में कटौती की है।
विज्ञापन

टाटा संकट से तुलना

Infosys signs of corrosion as well as Tata

इन्फोसिस की छवि एक जिम्मेदार और भरोसेमंद संस्था की रही है, मगर कंपनी के अधिकारियों और संस्थापकों के बीच सार्वजनिक रूप से दिख रहे इन मतभेदों से ना केवल लोगों को हैरानी हो रही है बल्कि कॉरपोरेट जगत में चिन्ताएँ भी दिख रही हैं कि कहीं इन्फोसिस में भी तो टाटा की तरह की स्थिति नहीं बनने जा रही।

इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस में अधिकारी कविल रामचंद्रन कहते हैं कि वो लोग जिन्होंने संस्थाएँ खड़ी की हैं उन्हें कई बार ऐसा लगता है कि वे उस संस्था के बारे में सबसे ज्यादा जानते हैं, जिन्हें संस्था की सबसे ज्यादा फिक्र है और वो जो चाहें कह सकते हैं। वो कहते हैं, "उन्हें लगता है कंपनी चलाने की जिम्मेदारी अभी भी उनके ही हाथ में है, मगर एक बार आपने जिम्मेदारी दूसरों को सौंप दी तो आपको उनके फैसलों में भरोसा करना होगा।"

कविल कहते हैं कि टाटा और इन्फोसिस दोनों दिग्गज कंपनियाँ रही हैं जहाँ के काम करने के तरीके का आदर किया जाता रहा है, मगर संस्थापक स्वयं आपत्तियाँ रखने लगें या अपनी बेबसी प्रकट करने लगें, तो कंपनी के काम करने के तरीके पर सवाल उठेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed