रेल हादसा: पीड़ितों के साथ रेलवे का मजाक, आर्थिक सहायता में बांटे पुराने नोट
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रेल दुर्घटना के पीड़ित लोगों से रेलवे ने भी मजाक किया। रेल दुर्घटना के शिकार लोगों को रेलवे विभाग के कर्मचारियों ने बैन हो चुके पांच-पांच सौ के पुराने नोट इलाज के लिए सहायता के रूप में दे दिए। बाहर दवाई न मिलने पर कुछ लोगों ने विरोध किया।
उनका कहना था कि रेलवे ने आर्थिक सहायता में ऐसे रुपये दिए हैं जो चलते ही नहीं। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने इसकी शिकायत केंद्रीय राज्य रेल मंत्री मनोज सिन्हा से की। उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि रेलवे कर्मियों द्वारा दिए गए रुपये शीघ्र ही बदले जाएंगे। ऐसा करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर के पास दलेल नगर गांव, पुखरायां में हुए भीषण रेल हादसे के बाद मरने वालों और घायल यात्रियों को रेलवे के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश सरकारों ने मुआवजा देने का एलान किया है।
कानपुर देहात के जिलाधिकारी कुमार रविकांत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रेल दुर्घटना में मरने वाले यात्रियों के आश्रितों को 5-5 लाख, गंभीर घायलों को 50-50 हजार रुपये व मामूली रूप से घायल लोगों को 25-25 हजार रुपये देने की घोषणा की है। आर्थिक सहायता रेलवे विभाग की ओर से दी जाने वाली सहायता से अतिरिक्त होगी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एमपी के मृतकों को दो लाख, गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार व मामूली घायलों को 25 हजार रुपये आर्थिक मदद की घोषणा की है। बिहार सरकार रेल हादसे में मरने वाले बिहार के लोगों को दो लाख, गंभीर घायलों को 50 हजार व सामान्य घायलों को 25 हजार रुपये देगी।