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कोरोनावायरस: केरल की मंत्री बोली- मरीज पर हो रहा इलाज का असर, निगरानी में हैं 1056 लोग

Fri, 31 Jan 2020 09:28 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, त्रिशूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, त्रिशूर Published by: Sneha Baluni Updated Fri, 31 Jan 2020 09:28 AM IST
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Indias first coronavirus affected woman is stable, state health ministry constituted a medical board
केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा - फोटो : ANI

चीन में दहशत फैलाने के बाद कोरोनावायरस भारत पहुंच गया है। पहला सकारात्मक मामला केरल के त्रिशूर में मिला है। पीड़ित छात्रा पिछले हफ्ते वुहान विश्वविद्यालय से लौटी है। उसके लिए राज्य स्वास्थ्य विभाग ने एक मेडिकल बोर्ड बनाया है जो उसके मामले की समीक्षा कर रहा है। यह जानकारी राज्य की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने दी। स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने त्रिशूर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक भी की।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा महिला के कोरोनावायरस की चपेट में होने की पुष्टि के बाद मंत्री त्रिशूर पहुंची। शैलजा ने कहा, 'छात्रा की हालत अब स्थिर है। इलाज का प्रभाव उसकी सेहत पर दिख रहा है। हमने एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया है और हर शाम को बुलेटिन जारी किया जाएगा।'
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उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि सभी सरकारी एजेंसिंया हमारा सहयोग करें और किसी तरह की अफवाह न फैलाएं।' मंत्री ने इस मामले से निपटने के लिए निजी अस्पतालों और डॉक्टर्स की मदद मांगी है। छात्रा को त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थानांतरित करने की योजना थी लेकिन अधिकारियों ने उच्च स्तरीय बैठक के बाद इसके खिलाफ फैसला लिया।

मंत्री ने कहा कि केरल में 1056 लोग निगरानी में हैं और 15 को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। बहुत से लोग जो पहले मरीज के सीधे संपर्क में आए थे उन्हें निगरानी में रखा गया है। इसी कारण निगरानी में रखे गए लोगों की संख्या बढ़ गई है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि स्क्रीनिंग के दौरान महिला नकारात्मक पाई गई थी और उसे घर भेज दिया गया था। 


हालांकि सांस लेने में दिक्कत और गले में दर्द के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नेशनल वायरोलॉजी इंस्टीटियूट से तीन लोगों की रिपोर्ट्स का इंतजार है। इन तीन में से दो ने पिछले हफ्ते जब छात्रा घर लौटी थी तब उसके साथ यात्रा की थी। मेडिकल कॉलेज के एक पूरे ब्लॉक को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर दिया गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अलप्पुझा में एक वायरस-परीक्षण केंद्र शुरू करने पर भी सहमति जताई है। सरकार ने मंगलुरु में मणिपाल मेडिकल कॉलेज और कोझीकोड के बेबी मेमोरियल अस्पताल के वायरोलॉजी विशेषज्ञों से भी सलाह मांगी है, जिन्होंने दो साल पहले कोझीकोड में निपाह के प्रकोप के दौरान काम किया था।

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