INS Satpura: भारतीय युद्धपोत आईएनएस सतपुड़ा का फिजी दौरा संपन्न, दोनों देशों के बीच दोस्ती को दी मजबूती
भारतीय नौसेना द्वारा जारी बयान के अनुसार, युद्धपोत की यात्रा का उद्देश्य भारत और फिजी के बीच दोस्ती और सहयोग को मजबूत करना था। फिजी के सुवा बंदरगाह पर पहुंचने के बाद युद्धपोत के चालक दल और फिजी नौसेना के बीच उच्च स्तरीय आदान-प्रदान हुआ।
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भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर भारतीय नौसेना द्वारा सबसे विस्तारित तैनाती के हिस्से के रूप में भारतीय युद्धपोत आईएनएस सतपुड़ा (Indian Warship INS Satpura) ने शनिवार को अपनी फिजी यात्रा का समापन किया। आईएनएस सतपुड़ा शनिवार को फिजी के सुवा बंदरगाह से दक्षिण प्रशांत महासागर (South Pacific Ocean) के लिए रवाना हुआ। युद्धपोत एक सितंबर को फिजी पहुंचा था। चार साल में किसी भारतीय युद्धपोत की यह पहली यात्रा थी।
भारतीय नौसेना द्वारा जारी बयान के अनुसार, युद्धपोत की यात्रा का उद्देश्य भारत और फिजी के बीच दोस्ती और सहयोग को मजबूत करना था। फिजी के सुवा बंदरगाह पर पहुंचने के बाद युद्धपोत के चालक दल और फिजी नौसेना के बीच उच्च स्तरीय आदान-प्रदान हुआ। उनके कमांडिंग ऑफिसर के नेतृत्व में चालक दल ने फिजी के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी।
बयान में कहा गया है कि "सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रम के हिस्से के रूप में फिजी के वानिकी विभाग के समन्वय में युद्धपोत के चालक दल द्वारा एक हजार मैंग्रोव पौधे लगाए गए। युद्धपोत की चिकित्सा टीम द्वारा अल्बर्ट स्टेडियम में एक चिकित्सा शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों की बड़ी भागीदारी देखी गई।"
बयान के अनुसार, युद्धपोत आगंतुकों के लिए खुला था, इस दौरान कई स्थानीय लोगों ने आईएनएस सतपुड़ा का दौरा किया और दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के बीच के संबंधों को आगे बढ़ाया। इसके अलावा, फिजी नौसेना के कर्मियों और स्थानीय नागरिकों के लिए जहाज के हेलो डेक पर एक विशेष योग सत्र आयोजित किया गया। इससे पहले, आईएनएस सतपुड़ा ने भारतीय नौसेना द्वारा दुनिया के सभी छह बसे हुए महाद्वीपों में जहाजों की तैनाती के हिस्से के रूप में स्वतंत्रता के 75 वर्ष का जश्न मनाने के लिए उत्तरी अमेरिकी महाद्वीप के सैन डिएगो हार्बर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।
मझगांव डॉक्स लिमिटेड, मुंबई में निर्मित और 20 अगस्त 2011 को भारतीय नौसेना में कमीशन किया गया आईएनएस सतपुड़ा का नाम मध्य भारत में प्रभावशाली सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला से लिया गया है। आईएनएस सतपुड़ा एक स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित, 6,000 टन निर्देशित मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट है जो हवा, सतह और पानी के नीचे विरोधियों को तलाशने और नष्ट करने के लिए सुसज्जित है। यह पोत विशाखापत्तनम स्थित पूर्वी बेड़े की अग्रिम पंक्ति की इकाई है। विशाखापत्तनम में स्थित पूर्वी बेड़े की एक फ्रंटलाइन इकाई, आईएनएस सतपुड़ा को भारत की स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष में लंबी दूरी की परिचालन तैनाती का काम सौंपा गया था।
इससे पहले, भारतीय नौसेना युद्धपोत आईएनएस सतपुड़ा और P8I LRMRASW विमान ने हवाई में पर्ल हार्बर में सबसे बड़े बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यासों में से एक रिम ऑफ द पैसिफिक अभ्यास (RIMPAC) में भाग लिया था। बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास के लिए, भारतीय युद्धपोत 27 जून, 2022 को हवाई पहुंचा था जबकि P8I विमान 2 जुलाई, 2022 को पहुंचा था। अभ्यास के बंदरगाह चरण में कई संगोष्ठियों, अभ्यास योजना चर्चाओं और खेल प्रतियोगिताओं में भागीदारी देखी गई।