फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Indian Telescope discovered most rare galaxy,2 billion light-years far from Earth

भारतीय टेलीस्कोप ने खोजी दुर्लभ आकाशगंगा,धरती से 12 अरब प्रकाश वर्ष दूरी पर है स्थित

Fri, 10 Aug 2018 01:53 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला
न्यूज डेस्क,अमर उजाला Updated Fri, 10 Aug 2018 01:53 PM IST
विज्ञापन
Indian Telescope discovered most rare galaxy,2 billion light-years far from Earth
टेलिस्कोप
विज्ञान के क्षेत्र में भारत ने एक बार फिर बेहतरीन प्रदर्शन किया हैं। भारत के खगोलशास्त्री ने एक ऐसे टेलिस्कोप का निर्माण किया जिसने आकाशगंगा से वो ढ़ूंढ निकाला जिसे दुनिया भर के खगोलशास्त्री नहीं खोज पाये।पुणे के खगोलशास्त्रियों ने एक भारतीय टेलीस्कोप की मदद से ब्रह्माांड में अब तक की सबसे दूर मौजूद आकाशगंगा की खोज की है। यह आकाशगंगा हमारी धरती से 12 अरब प्रकाश वर्ष दूर है। सबसे चौेकाने वाली बात ये है कि ये यह सक्रिय आकाशगंगा का ही एक प्रकार है। इस तरह की आकाश गंगाएं रेडियो वेवलेंथ पर ज्यादा चमकीली होती हैं।
विज्ञापन


पुणे में स्थित गेंट मीटर-वेव रेडियो टेलीस्कोप (जीएमआरटी) द्वारा खोजी गई यह आकाशगंगा उस दौर की है जब ब्रह्माांड की उत्पत्ति को ज्यादा समय नहीं हुआ था।इस आकाशगंगा की दूरी हवाई में स्थित जेमिनी नार्थ टेलीस्कोप और एरिजोना में स्थित लार्ज बाइनोक्युलर टेलीस्कोप की मदद से निर्धारित की गई है। अनुमान है कि यह आकाशगंगा उस समय की है, जब ब्रह्माांड की उत्पत्ति को महज एक अरब साल हुए थे, रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन इस बात का खुलासा करती है।
विज्ञापन


ब्रह्माांड के प्रारंभिक इतिहास के समय की आकाशगंगा की खोज करना अद्भुत है। नीदरलैंड्स के लीडेन आब्जरवेटरी के खगोलविद आयुष सक्सेना ने कहा, 'यह आश्चर्य चकित करने वाली बात है कि इस तरह की आकाशगंगाएं इतने कम समय में अपना द्रव्यमान कैसे बना लेती हैं ? ' लीडेन के ही एक अन्य खगोलविद हब रोटगेरिंग ने कहा, 'चमकीली रेडियो आकाशगंगाओं में विशालकाय ब्लैक होल होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुणे में स्थित है टेलीस्कोप आकाशगंगा की खोज करने वाला गेंट मीटर-वेव रेडियो टेलीस्कोप (जीएमआरटी) पुणे में स्थित है। इस रेडियो दूरबीन का व्यास 45 मीटर है। इसका संचालन राष्ट्रीय रेडियो खगोल भौतिकी केंद्र द्वारा किया जाता है। बेहद चमकीली रेडियो गैलेक्सी ब्रह्माांड में रेडियो गैलेक्सी (आकाशगंगाएं) दुर्लभ होती हैं।  इनके केंद्र में एक विशालकाय ब्लैक होल होता है। यह सक्रियता के साथ अपने इर्दगिर्द गैस और धूल की उत्पत्ति करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed