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जानें क्यों अक्टूबर के पहले हफ्ते में लॉन्च किया जाएगा चंद्रयान-2
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 25 Mar 2018 02:30 PM IST
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चंद्रयान
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा चंद्रयान-2 को 23 अप्रैल को लॉन्च किया जाना था लेकिन अब इसे अक्टूबर के पहले हफ्ते में लॉन्च किया जाएगा। इस मिशन के समय के बदलने को लेकर इसरो के अध्यक्ष के डॉक्टर सिवान ने कहा- हमारे वैज्ञानिकों, पूर्व चेयरमैन और आईआईटी के प्रोफेसर्स ने मिशन की प्रशंसा की है। हालांकि पहली बार ऑर्बिटर, रोवर और लैंडर के प्रयोग की जटिलताओं को ध्यान में रखते हुए विचार किया गया है कि पहले सभी परीक्षण कर लिए जाएं। पैनल ने यह सिफारिश की कि आश्वस्त होने पर ही मिशन की शुरुआत की जाए।
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डॉक्टर सिवान ने कहा- लॉन्च की असल तारीख पहले 23 अप्रैल रखी गई थी। हालांकि इस मिशन के लिए जो परीक्षण चल रहा है उसमें और 20 दिन लग जाएंगे। दूसरी सैटेलाइट लॉन्च में जहां इसरो एक या दो दिन की देरी करता है उसे इस मिशन पर लागू नहीं किया जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि महीने में एक बार ही चंद्रमा के लिए लॉन्च की तारीख आती है। यदि हमने महीने की उस तारीख को छोड़ दिया तो हमारे पास अगले महीने की तारीख का इंतजार करना पड़ता है।
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अप्रैल के बाद यदि इसरो चंद्रयान को मई से सितंबर केबीच लॉन्च करता है तो हमें ग्रहण के कारण चंद्रमा पर प्रयोगों के लिए पूर्ण चंद्र दिन का लाभ नहीं मिलेगा। इसी वजह से इसरो ने मिशन को अक्टूबर के पहले हफ्ते में लॉन्च करने का फैसला लिया है। इस मिशन में 800 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।
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29 मार्च को लॉन्च होगा जीसैट-6A
इसरो 29 मार्च को जीएसएलवीएफ08 के जरिए जीसैट-6A सैटेलाइट को लॉन्च करने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है। जीसैट-6A का जीवनकाल 10 साल का होगा। यह कम्युनिकेशन सैटेलाइट है जो तकनीक के विकास में मदद करेगा। जिसका इस्तेमाल सैटेलाइट बेस्ड मोबाइल में किया जाएगा।