{"_id":"6763e9f011172bff0a09a1c9","slug":"indian-railways-now-200-new-vande-bharat-sleeper-trains-are-being-made-railway-minister-gave-this-big-update-2024-12-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indian Railways: अब बन रही 200 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन; रेल मंत्री वैष्णव ने दिया ये बड़ा अपडेट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Indian Railways: अब बन रही 200 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन; रेल मंत्री वैष्णव ने दिया ये बड़ा अपडेट
Thu, 19 Dec 2024 03:10 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 19 Dec 2024 03:10 PM IST
सार
रेल मंत्रालय ने लोकसभा में जानकारी दी कि दो दिसंबर 2024 तक, छोटी और मध्यम दूरी की यात्रा के लिए देश भर में ब्रॉड गेज इलेक्ट्रिफिकेशन नेटवर्क पर 136 वंदे भारत ट्रेन सेवाएं चल रही हैं। इनमें चेयर कार हैं।
विज्ञापन
Vande Bharat Trains
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
लंबी दूरी की यात्रा के लिए 10 वंदे भारत ट्रेनों का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। इसका पहला प्रोटोटाइप तैयार हो चुका है और जल्द ही इसकी टेस्टिंग शुरू कर दी है। इसके अलावा 200 वंदे भारत स्लीपर रैक बनाने का ठेका भी तकनीकी भागीदारों को दिया जा चुका है। इन ट्रेनों की टेस्टिंग सफल होने के बाद ही इन्हें चलाने की डेडलाइन तय की जाएगी।
विज्ञापन
रेल मंत्रालय ने लोकसभा में जानकारी दी कि दो दिसंबर 2024 तक छोटी और मध्यम दूरी की यात्रा के लिए देश भर में ब्रॉड गेज इलेक्ट्रिफिकेशन नेटवर्क पर 136 वंदे भारत ट्रेन सेवाएं चल रही हैं। इनमें चेयर कार हैं। अक्तूबर 2024 तक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रियों की औसत उपस्थिति 100 प्रतिशत से अधिक रही है। एक अन्य सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अप्रैल 2018 से भारतीय रेलवे की प्रोडक्शन यूनिट्स केवल एलएचबी कोच बना रही हैं। इन कोचों का प्रोडक्शन लगातार बढ़ रहा है।
विज्ञापन
रेल मंत्री के मुताबिक, 2014-24 के दौरान बनाए गए एलएचबी कोचों की संख्या (36,933) 2004-14 के दौरान बनाए गए कोचों (2,337) की तुलना में 16 गुना से अधिक है। भारतीय रेलवे ने एलएलबी कोचों को बढ़ावा दिया है, जो तकनीकी रूप से बेहतर हैं और इनमें एंटी-क्लाइंबिंग व्यवस्था, विफलता संकेत प्रणाली के साथ एयर सस्पेंशन और कम क्षरण वाली शैल जैसी विशेषताएं हैं। वहीं,सुगम्य भारत अभियान के तहत भारतीय रेलवे दिव्यांगजनों और कम गतिशीलता वाले यात्रियों के लिए सुगम यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।
विज्ञापन
इस बीच रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर बताया कि इन कोच को लोडेड सिमुलेशन ट्रायल के लिए आईसीएफ चेन्नई के लिए रवाना किया जा चुका है। ट्रायल के बाद बहुत जल्द ये ट्रेनें अपने कमर्शियल रन के लिए शुरू हो जाएंगी। एक अनुमान के मुताबिक, देश की पहली वंदे भारत स्लीपर का ट्रायल बहुत जल्द शुरू हो जाएगा। जिसे पूरा होने में करीब 2 महीने का समय लग सकता है। इसके बाद ही ट्रेन का कमर्शियल रन स्टार्ट होगा। देश की पहली वंदे भारत स्लीपर को किस रूट पर चलाया जाएगा, इसे लेकर अभी से काफी सारे कयास लगाए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, देश के अलग-अलग जोन से इसे लेकर कई सारे प्रपोजल आए हैं। मुख्य तौर पर इसे बेंगलुरु, दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों से शुरू किया जा सकता है। इसे लेकर अंतिम फैसला जल्द हो सकता है। वहीं, रेलमंत्री पहले ही ये साफ कर चुके हैं कि वंदे भारत स्लीपर का किराया देश में राजधानी एक्सप्रेस के किराए के बराबर होने वाला है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 160 किमी की रफ्तार से चलेगी। जो कि 180 किमी की टॉप स्पीड तक जा सकती है। इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे, जिसमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट क्लास कोच होंगे।