{"_id":"598e70e94f1c1b43408b45e0","slug":"indian-army-to-deploy-robots-to-fight-terror-in-jammu-and-kashmir","type":"story","status":"publish","title_hn":"आतंक से मुकाबले के लिए J&K में रोबोट्स तैनात करेगी इंडियन आर्मी","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
आतंक से मुकाबले के लिए J&K में रोबोट्स तैनात करेगी इंडियन आर्मी
amarujala.com- Presented: त्रिनाथ त्रिपाठी
Updated Sat, 12 Aug 2017 08:37 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजों और आंतकियों से निपटने के लिए भारतीय सेना ने एक नया तरीका अपनाया है। कश्मीर घाटी में अब आतंकियों से मुकाबले के लिए 544 रोबोट्स तैनात किए जाएंगे। रक्षा मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है. इन रोबोट्स को देश में ही तैनात किया जाएगा।
आतंकियों से मुकाबला करेंगे रोबोट्स
जानकारी के मुताबिक ये रोबोट्स जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में गोला-बारूद की डिलिवरी करने में सक्षम होंगे। घाटी में आतंकियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सेना ने रक्षा मंत्रायल से इस प्रोजेक्ट की मांग की थी। दरअसल जम्मू-कश्मीर के जंगलों को आतंकी अपने ठिकानों के रुप में इस्तेमाल करते हैं। ऐसी स्थिति में रोबोट्स ना केवल आतंकियों से मुकाबला करेंगे बल्कि सेना की सहायता भी करेंगे।
200 मीटर की रेंज से ट्रांसमिशन
हथियार और गोला-बारूद की डिलिवरी करने के साथ ही ये रोबोट्स सर्विलांस भी करेंगे। इसके अलावा वे आतंकियों की पल-पल की गतिविधियों पर भी नजर रखेंगे. रिपोर्ट के मुताबिक ये रोबोट्स आतंकियों की खुफिया सूचना जुटाने के साथ ही 200 मीटर की रेंज से उसका ट्रांसमिशन करने में सक्षम होंगे।
विज्ञापन
पिछले 8 महीनों से चल रहा है प्रोजेक्ट पर काम
वजन में हल्के और मजबूत होने की मजह से ये रोबोट्स कई तरीकों से सेना की मदद करने में भी सक्षम होंगे। पिछले 8 महीनों से CAIR और DRDO की लैब इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है।
विज्ञापन
आतंकियों से मुकाबला करेंगे रोबोट्स
जानकारी के मुताबिक ये रोबोट्स जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में गोला-बारूद की डिलिवरी करने में सक्षम होंगे। घाटी में आतंकियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सेना ने रक्षा मंत्रायल से इस प्रोजेक्ट की मांग की थी। दरअसल जम्मू-कश्मीर के जंगलों को आतंकी अपने ठिकानों के रुप में इस्तेमाल करते हैं। ऐसी स्थिति में रोबोट्स ना केवल आतंकियों से मुकाबला करेंगे बल्कि सेना की सहायता भी करेंगे।
विज्ञापन
200 मीटर की रेंज से ट्रांसमिशन
हथियार और गोला-बारूद की डिलिवरी करने के साथ ही ये रोबोट्स सर्विलांस भी करेंगे। इसके अलावा वे आतंकियों की पल-पल की गतिविधियों पर भी नजर रखेंगे. रिपोर्ट के मुताबिक ये रोबोट्स आतंकियों की खुफिया सूचना जुटाने के साथ ही 200 मीटर की रेंज से उसका ट्रांसमिशन करने में सक्षम होंगे।
विज्ञापन
पिछले 8 महीनों से चल रहा है प्रोजेक्ट पर काम
वजन में हल्के और मजबूत होने की मजह से ये रोबोट्स कई तरीकों से सेना की मदद करने में भी सक्षम होंगे। पिछले 8 महीनों से CAIR और DRDO की लैब इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है।