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चीन से मुकाबला: भारतीय सेना खरीदेगी मेड इन इंडिया 'स्वाति' रडार, मोर्टार-रॉकेट और प्रोजेक्टाइल का लगाती है सटीक पता
Thu, 12 May 2022 06:15 PM IST
Amit Mandal
एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली।
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 12 May 2022 06:15 PM IST
सार
भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर अपने अभियानों के लिए रडार का इस्तेमाल करती रही है। इस सिस्टम को 2018 में आर्मी में ट्रायल के लिए दिया गया था।
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भारतीय सेना खरीदेगी 'स्वाति'
- फोटो : ANI
विस्तार
चीन से लगती सीमा पर भारतीय सेना ने अपनी तैयारियों को मजबूती देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सेना ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित 12 स्वाति (Swathi)- हथियार खोजने वाले रडार खरीदने के लिए रक्षा मंत्रालय को एक प्रस्ताव दिया है। सरकारी सूत्रों ने एएनआई को बताया कि भारतीय सेना ने लगभग 1,000 करोड़ रुपये के स्वाति डब्ल्यूएलआर के इस प्रस्ताव को तैयार किया है और इसे उच्च स्तरीय रक्षा मंत्रालय की बैठक में विचार के लिए रखा जाएगा। डीआरडीओ द्वारा विकसित और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित हथियार खोजने वाले रडार ने बड़ी सफलता हासिल की थी और आर्मेनिया को भी इसकी आपूर्ति की गई थी।
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50 किलोमीटर की सीमा के भीतर हथियारों का सटीक पता लगाती है स्वाति
हथियार का पता लगाने वाले रडार स्वाति 50 किलोमीटर की सीमा के भीतर मोर्टार, गोले और रॉकेट जैसे दुश्मन के हथियारों का तेजी से, स्वचालित और सटीक जगह बता देते हैं। रडार एक साथ अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग हथियारों से दागे गए कई प्रोजेक्टाइल का पता लगा सकते हैं। भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर अपने अभियानों के लिए रडार का इस्तेमाल करती रही है। इस सिस्टम को 2018 में आर्मी में ट्रायल के लिए दिया गया था।
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नए भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे स्वदेशीकरण के बड़े समर्थक हैं और स्वचालित आर्टिलरी गन जैसे कई प्रकार के उपकरणों के ऑर्डर केवल भारतीय विक्रेताओं के पास जाने की संभावना है। छोटे हथियारों में भी एक बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है क्योंकि विदेशी असॉल्ट राइफलों के नियोजित ऑर्डर अब उन भारतीय विक्रेताओं को दिए जाने वाले हैं जिन्होंने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण विकास किया है।
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लद्दाख सेक्टर के दौरे पर सेना प्रमुख मनोज पांडे
वहीं, भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा और पाकिस्तान के साथ सीमा पर मौजूदा सुरक्षा स्थिति और तैयारियों की समीक्षा करने के लिए लद्दाख सेक्टर के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। उत्तरी कमान के शीर्ष अधिकारियों द्वारा उन्हें वहां की स्थिति से अवगत कराया जाएगा।