आर्मी चीफ बिपिन रावत के बयान पर सियासी घमासान तेज, सेना ने दी सफाई
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ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के संदर्भ में सेना प्रमुख बिपिन रावत के बयान पर सियासी घमासान शुरू हो चुका है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेदादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने आर्मी चीफ के बयान पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि राजनीतिक दलों पर टिप्पणी का काम आपका (सेना प्रमुख) नहीं है। विवाद को बढ़ता देख सेना ने इस पर सफाई दी है।
सेना ने कहा कि आर्मी चीफ के बयान का संबंध किसी प्रकार के राजनीतिक दल या धर्म विशेष से नहीं था। वह सिर्फ नार्थ ईस्ट के एकाकीकरण और विकास पर बात कर रहे थे।
There is nothing political or religious in the talk. Army Chief just mentioned amalgamation & development in the seminar on North-East organised at DRDO Bhawan on 21 Feb 18: Army
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) 22 February 2018
वहीं AIUDF की तरफ से भी बिपिन रावत के बयान पर टिप्पणी आई है। एआईयूडीएफ पार्टी से विधायक अमीनुल इस्लाम ने कहा कि पार्टी जमीन पर काम करती है। हम दबे-कुचले लोगों के लिए काम करते हैं और इसलिए हमारी लोकप्रियता बीजेपी के मुकाबले ज्यादा है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि असम की जनता धर्म और जाति की राजनीति से ऊपर उठकर हमारी पार्टी, एआईयूडीएफ को स्वीकार करेगी। और जल्द ही हम सत्ता में आएंगे।
भारत के लिए चीन और पाकिस्तान के खतरनाक मंसूबों पर चिंता जाहिर करते हुए आर्मी चीफ ने कहा कि चीन और पाकिस्तान भारत की मजबूती को हिलाने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं इसलिए उन्होंने प्रॉक्सी वॉर का रास्ता चुना है। उत्तरी पूर्व के रास्ते भारत आने वाले शरणार्थियों को आर्मी चीफ ने चीन की चाल बताया है। उनका कहना है कि चीन की मिलीभगत से भारत में पाकिस्तान इस रास्ते अपने आतंकी भेज रहा है। बुधवार को राजधानी में उत्तर पूर्व में सीमा सुरक्षा को लेकर हुए एक सेमिनार में आर्मी चीफ ने यह बात कही है।AIUDF is working for the downtrodden. this is why our popularity is growing faster than BJP. We are hopeful that people of Assam irrespective of caste & creed, will accept AIUDF and our party will come to power soon: Aminul Islam, AIUDF MLA on Army chief's statement. pic.twitter.com/kYi9h7DnRF
— ANI (@ANI) 22 February 2018
इस मौके पर आर्मी चीफ ने एक राजनीतिक संगठन का जिक्र कर दिया जिस पर विवाद गरमा गया। पड़ोसी देशों की ओर इशारा करते हुए कहा कि जिस तरह कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए आतंकवादी भेजे जाते हैं। उसी तरह नार्थ ईस्ट में अशांति फैलाने के लिए अवैध आबादी को भारत में भेजा जाता है। इसके पीछे सेना प्रमुख ने वोट बैंक की राजनीति को दोषी बताया। उन्होंने कहा कि नार्थ ईस्ट में AIUDF नाम का राजनीतिक संगठन विकास कर रहा है। इस पार्टी का विकास बीजेपी के मुकाबले तेज हुआ है।
उन्होंने कहा कि जनसंघ का आज तक का जो सफर रहा है उसके मुकाबले एआईयूडीएफ का विकास तेजी से हुआ है। गौर हो कि एआईयूडीएफ (ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) नाम का संगठन मुस्लिमों की आवाज उठाता है।