नेपाल की तमाम परियोजनाओं के लिए भारत देगा बड़ी मदद, बांध बनने से बाढ़ का खतरा होगा कम
- पनबिजली परियोजनाओं के लिए बजट में विशेष आवंटन
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भारत ने नेपाल की नदियों से आने वाली बाढ़ के खतरे को बेहद गंभीरता से लिया है। अपने आम बजट में भारत ने हर साल आने वाली बाढ़ और इसके खतरे से बचने के लिए बनाई जा रही सप्त कोसी बांध परियोजना और पंचेश्वर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट के लिए साढ़े सात करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। भारत सरकार ने इस परियोजना की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए यह राशि आवंटित की है। यह राशि नेपाली रुपये में करीब बारह करोड़ है।
बजट के अध्ययन के बाद हिमालय टाइम्स ने खबर दी है कि पंचेश्वर बहुउद्देशीय परियोजना को भारत और नेपाल सामूहिक रूप से तैयार करेंगे। साथ ही यह भी तय किया गया है कि सप्तकोशी बांध परियोजना और सबकोशी डायवर्जन प्रोजेक्ट की संभावनाओं को भी तलाशा जाएगा। इसके साथ ही बजट में सनकोशी मरीन डायवर्जन प्रोजेक्ट के बारे में भी चर्चा की गई है।
माना जा रहा है कि बाढ़ से होने वाली तबाही से बचने और इसे कम करने के लिए इन परियोजनाओं को पूरा करने से दोनों देशों के तमाम हिस्सों को फायदा होगा। इस बारे में बीते दिसंबर में दोनों देशों के उच्चाधिकारियों की बैठक में तय किया गया था कि दिसंबर 2020 तक इसके बारे में विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बना ली जाएगी।
इस परियोजना की डीपीआर भारतीय कंपनी वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज ने तैयार की है। अब इसे दोनों देशों को पूरी तरह अध्ययन करके अंतिम रूप देना है।
गौरतलब है कि भारत, नेपाल को पनबिजली परियोजनाओं में खासी मदद करता आया है। हाल के समय में नेपाल में चीन की मदद से चल रही परियोजनाएं बहुत कामयाब नहीं हो पाई तो भारत इसमें नेपाल का सहयोग कर रहा है। इससे दोनों देशों के बीच रिश्तों में भी मजबूती आई है।