भारत में भी मनेगा 'साइबर सेफ्टी-डे', पीएम मोदी के सामने डीजी-आईजी सम्मेलन में आया आइडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साइबर अपराधों के लगातार बढ़ते ग्राफ से चिंतित दुनिया के तमाम देश कुछ न कुछ कदम उठा रहे हैं। अनेक देशों ने 'साइबर सुरक्षा' के विषय को स्कूल-कालेजों और आम जन तक पहुंचाने के लिए 'सेफर इंटरनेट-डे' मनाना शुरू कर दिया है। भारत में भी अब इस ओर सोचा जा रहा है।
पिछले सप्ताह गुजरात में डीजी-आईजी के वार्षिक सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी के दौरान यह आइडिया सामने आया कि भारत में भी 'साइबर सेफ्टी-डे' मनाया जाए। दुनिया के दूसरे देशों में पांच फरवरी को 'सेफर इंटरनेट-डे' आयोजित किया जाता है। सम्मेलन में यह आइडिया गोवा के डीजीपी डॉ. मुक्तेश चंद्र ने दिया है।
बता दें कि दुनिया के 140 देशों ने मिलकर साइबर सेफ्टी पर सोचना शुरू किया है। अमेरिका, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया, जर्मनी, इटली और फ्रांस आदि देश हर साल पांच फरवरी को 'सेफर इंटरनेट-डे' (एसआईडी) आयोजित कर रहे हैं। इसमें यूरोपियन यूनियन (ईयू) के 28 देश भी सक्रिय तौर पर भाग ले रहे हैं। एसआईडी से जुड़े देशों में लोगों को साइबर सुरक्षा की जानकारी देने के लिए सेफर इंटरनेट सेंटर खोले गए हैं। इसके अलावा ईयू के 34 देशों शिक्षा मंत्री और 'इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ इंटरनेट हॉटलाइंस' मिलकर इस विषय को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।
'क्रिएट, कनेक्ट एंड शेयर रेस्पेक्ट : ए बेटर इंटरनेट स्टार्ट विद यू'
इस साल का थीम 'क्रिएट, कनेक्ट एंड शेयर रेस्पेक्ट : ए बेटर इंटरनेट स्टार्ट विद यू' रखा गया है। इस अभियान में बच्चे, अभिभावक और टीचर शामिल हैं। इसके तहत सालभर जागरूकता कैंपेन शुरू किया जाता है। ब्रिटेन में इस साल एक सर्वे भी किया गया है, जिसमें 1700 संगठनों ने भाग लिया है। इसके जरिए साइबर सुरक्षा को लेकर 45 फीसदी युवाओं तक पहुंच बनाई गई है।
अब इसी तर्ज पर भारत में भी साइबर सुरक्षा को लेकर काम शुरू होगा। डॉ. मुक्तेश चंद्र का कहना है कि जैसे दूसरे देशों में सेफर इंटरनेट-डे' मनाया जा रहा है, वैसे ही अपने देश में भी अब साइबर सेफ्टी-डे आयोजित किया जा सकता है। हालांकि सरकार पहले से ही इस अपराध को लेकर चिंतित है, लेकिन अभी तक यह आम जन की समझ से परे है। जानकारी के अभाव में ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड और दूसरे साइबर अपराध हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि हर स्कूल और कालेज में साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। यह आइडिया सभी को पसंद आया है। उम्मीद है कि जल्द ही भारत में भी जन-जन तक साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाने के लिए साइबर सेफ्टी-डे मनाया जाएगा।